मुजफ्फरनगर। आगामी कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रताल स्थित गंगा घाट पर लगने वाले मेले को सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से सम्पन्न कराने के लिए आज जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा एवं जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल ने मेले क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने घाट पर साफ-सफाई, उचित प्रकाश व्यवस्था, जलस्तर सूचकांक पर निरंतर निगरानी, पुलिस बल के ठहराव व ड्यूटी प्वाइंट, अस्थायी शौचालय और चेंजिंग रूम जैसी सुविधाओं का जायजा लिया।
अधिकारियों ने यातायात नियंत्रण, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, बैरिकेडिंग, पार्किंग व अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उनका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और कार्तिक पूर्णिमा मेला बेहतर सुविधाओं और सुदृढ़ सुरक्षा इंतजामों के साथ सुरक्षित व सुगम रूप से आयोजित हो।निरीक्षण के दौरान फ्लड स्क्वाड, तैराक और फायर सर्विस के लिए चिन्हित स्थानों की भी जांच की गई, ताकि आपातकालीन स्थिति में तुरंत सहायता प्रदान की जा सके। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि सभी सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंध पूर्ण रूप से क्रियान्वित रहें।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर कंडाकर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आदित्य बंसल, क्षेत्राधिकारी भोपा देववृत बाजपेई, थाना प्रभारी भोपा मुनीश कुमार सहित अन्य पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारीगण मौजूद रहे। सभी ने मिलकर मेले की व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए विस्तार से चर्चा की और अपनी जिम्मेदारियों का बारीकी से पालन करने का आश्वासन दिया।जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे श्रद्धालुओं के आने-जाने, सुरक्षा और सुविधा से जुड़े सभी पहलुओं पर सतत निगरानी रखें। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस बल को strategically ड्यूटी प्वाइंट पर तैनात किया जाएगा और किसी भी असामान्य स्थिति के तुरंत निपटने के लिए विशेष टीमें तैयार रहेंगी।
अधिकारियों ने घाट पर साफ-सफाई और पर्यावरण संरक्षण के उपायों की भी समीक्षा की, ताकि मेला क्षेत्र स्वच्छ और व्यवस्थित रहे। इसके अलावा, पार्किंग और यातायात प्रबंधन के लिए भी विशेष योजनाएं बनाई गई हैं ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।कार्तिक पूर्णिमा मेला न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह जनसमूह प्रबंधन और सुरक्षा के लिहाज से भी चुनौतीपूर्ण होता है। अधिकारियों द्वारा किए गए यह निरीक्षण इस बात का संकेत है कि प्रशासन मेले को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के अनुकूल बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
















