मुजफ्फरनगर जिला पंचायत सभागार में साधना सप्ताह के अंतर्गत कर्मयोगी भारत पहल के तहत iGOT Karmayogi पोर्टल पर एक विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गजेन्द्र कुमार ने की। इस प्रशिक्षण में जिले के लेखपालों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने कार्यों में दक्षता बढ़ाने और प्रशासनिक गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए प्रशिक्षित करना रहा।प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिभागियों को iGOT Karmayogi पोर्टल की कार्यप्रणाली का लाइव डेमो दिया गया। इसमें रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, कोर्स चयन, विभिन्न लर्निंग मॉड्यूल्स और असेसमेंट सिस्टम को विस्तार से समझाया गया। साथ ही कर्मयोगी भारत मिशन के उद्देश्यों और डिजिटल लर्निंग के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
अधिकारियों को बताया गया कि यह पोर्टल न केवल ज्ञानवर्धन का माध्यम है, बल्कि यह उन्हें आधुनिक प्रशासनिक चुनौतियों से निपटने में भी सक्षम बनाता है।गजेन्द्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में निरंतर सीखना बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रेरित किया कि वे नियमित रूप से पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों का अध्ययन करें, जिससे उनकी व्यक्तिगत दक्षता के साथ–साथ प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता भी बेहतर हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सीखने से कार्य करने की क्षमता में तेजी से सुधार होता है।प्रशिक्षण के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग पर भी विशेष चर्चा की गई। बताया गया कि AI आधारित टूल्स प्रशासनिक कार्यों को अधिक कुशल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन टूल्स के जरिए डेटा विश्लेषण, फाइल प्रबंधन, रिपोर्ट तैयार करने और निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज और सटीक बनाया जा सकता है। इससे कर्मचारियों की उत्पादकता में वृद्धि होती है और वे महत्वपूर्ण कार्यों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पाते हैं।iGOT Karmayogi पोर्टल पर उपलब्ध विभिन्न ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों को निरंतर ज्ञान और कौशल विकास का अवसर मिलता है। इन पाठ्यक्रमों में प्रशासनिक दक्षता, डिजिटल गवर्नेंस, नेतृत्व क्षमता, समय प्रबंधन और तकनीकी कौशल जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया। इस अवसर पर राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारीगण सहित कार्यक्रम का संचालन करने वाले ई–डिस्ट्रिक्ट मैनेजर प्रिंस जैन भी उपस्थित रहे।
















