बिहार के 1 लाख 47 हजार 534 शिक्षकों की काउंसलिंग 9 से 31 दिसंबर तक होगी। इनमें बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) से अनुशंसित प्रधान शिक्षक, प्रधानाध्यापक और विद्यालय अध्यापक के पदों के अभ्यर्थी तथा दूसरे चरण की सक्षमता परीक्षा में उत्तीर्ण हुए नियोजित शिक्षक शामिल हैं। इनकी काउंसलिंग के लिए शिक्षा विभाग की ओर से शुक्रवार को शेड्यूल जारी किया गया।
इसके मुताबिक बीपीएससी से अनुशंसित सभी अभ्यर्थियों की काउंसलिंग उनके आवंटित जिला मुख्यालय और नियोजित शिक्षकों की काउंसलिंग, जिस जिले में पदस्थापित हैं, होगी। विभाग ने काउंसलिंग की सारी तैयारियों को लेकर सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिया है।शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डा. एस. सिद्धार्थ ने अपने निर्देश में सभी जिलाधिकारियों से कहा है कि बीपीएससी से उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक पद के लिए 5,971, प्राथमिक विद्यालयों के प्रधान शिक्षक पद के लिए 36,947, टीआरई-03 के तहत कक्षा एक से पांच तक के विद्यालय अध्यापक के लिए 21,911 एवं कक्षा छह से आठ तक के विद्यालय अध्यापक के लिए 16,989 अभ्यर्थियों की अनुशंसा प्राप्त हुई है।
कब किसकी काउंसलिंग,
वहीं बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा सक्षमता परीक्षा-दो के तहत स्थानीय निकाय के 65,716 शिक्षकों को सफल घोषित किया गया है, जिनकी काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी करने संबंधी सभी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। शिड्यूल के मुताबिक सबसे पहले प्रधानाध्यापक पद और प्रधान शिक्षक पद के लिए अनुशंसित अभ्यर्थियों की काउंसलिंग कराई जाएगी। इसके लिए 9-13 दिसंबर तक तिथि निर्धारित है।इसके उपरांत 16 से 20 दिसंबर तक कक्षा एक से पांच तक एवं कक्षा छह से आठ तक के शिक्षक पद के अभ्यर्थियों की काउंसलिंग होगी। जबकि 23 से 31 दिसंबर तक दूसरे चरण की सक्षमता परीक्षा पास शिक्षकों की काउंसलिंग कराई जाएगी।
जिलाधिकारी को दिशानिर्देश जारी
- काउंसलिंग के लिए उपयुक्त स्थल का चयन आवश्यक
- प्रत्येक काउंटर पर 50-60 अभ्यर्थियों की प्रतिदिन काउंसलिंग की व्यवस्था
- काउंटर की संख्या का आकलन अभ्यर्थियों की संख्या के हिसाब से करें
- काउंसलिंग स्थल पर कंप्यूटर, प्रिंटर, सीसीटीवी कैमरा आदि सुविधाएं जरूरी
- निर्धारित समय में काउंसलिंग का कार्य पूरा कराने को प्राथमिकता दें
- शांतिपूर्ण ढंग से काउंसलिंग कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करें
- काउंसलिंग स्थल पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी एवं पुलिस बलों की तैनाती
- काउंसलिंग की पूर्ण अवधि में शिक्षा विभाग के किसी भी पदाधिकारी/कर्मचारी को अन्य प्रकार की ड्यूटी में नहीं लगाएं















