रूस एक बार फिर भूकंप के झटकों से दहल गया है. जर्मन जियोसाइंस रिसर्च सेंटर ने बताया कि रविवार को रूस के कुरील द्वीप समूह में 6.7 तीव्रता का भूकंप आया. एजेंसी ने शुरुआत में भूकंप की तीव्रता 6.35 आंकी थी, जिसका केंद्र 10 किलोमीटर (6.2 मील) की गहराई पर बताया गया था.अमेरिका के जियो साइंस सर्वे ने कहा कि भूकंप की तीव्रता 7 थी. प्रशांत सुनामी वार्निंग सिस्टम ने भी भूकंप की तीव्रता 7.0 आंकी है, प्रशांत सुनामी वार्निंग सिस्टम ने कहा कि भूकंप के बाद सुनामी की कोई चेतावनी नहीं दी गई. लेकिन पिछले बुधवार से रूस पर लगातार बड़े भूकंप का खतरा बना हुआ है और इमरजेंसी डिपार्टमेंट ने अलर्ज जारी किया है.
Tsunami Warning Centre, @ESSO_INCOIS detected an #earthquake of M 6.5 on 03 August 2025 at 11:07 IST @ Kuril Islands (Location: 50.66 N, 157.89 E)
NO TSUNAMI THREAT to India in connection with this earthquake.
Details at https://t.co/YJ3rTlWcTf pic.twitter.com/9Ht1bTSRB2— INCOIS, MoES (@ESSO_INCOIS) August 3, 2025
भूंकप से रूस में खतरा
रूस के कामचटका प्रायद्वीप में बुधवार को 8.8 तीव्रता का एक जबरदस्त भूकंप आया था, जिससे प्रशांत महासागर में सुनामी की लहरें उठीं और जापान से लेकर हवाई और चिली तक दहशत फैल गई. रूस के बंदरगाह शहरों में बाढ़ आ गई, लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के आदेश दिए गए और भूकंप के तुरंत बाद एक ज्वालामुखी फट गया.
इस भूकंप को इतिहास में दर्ज सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक माना गया है, रूस में इसके बाद से व्यापक अलर्ट जारी हैं, वैज्ञानिकों ने संभावित आफ्टरशॉक्स की चेतावनी दी है और सावधानी बरतने का आग्रह किया है. हाल ही में कुलीर में आए भूकंप ने चिंता को और बढ़ा दिया है.
कामचटका में ज्वालामुखी भी फटा
देश के इमरजेंसी डिपार्टमेंट ने रविवार को जानकारी दी कि करीब 600 साल बाद पहली बार कामचटका ज्वालामुखी फटा है. जिसकी फुटेज में दूर से ही धुए का गुबार उठता दिखाई दे रहा है. कई जानकारों ने माना है कि ये भूकंप ज्वालामुखी को आए विनाशकारी भूकंप के बाद फटा है.















