मुजफ्फरनगर में साइबर अपराधों पर नियंत्रण और पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एक बार फिर मुजफ्फरनगर पुलिस ने साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसते हुए पीड़ित को आर्थिक राहत प्रदान की है। थाना रतनपुरी की साइबर हेल्पडेस्क टीम ने त्वरित कार्रवाई कर आवेदक शान मोहम्मद पुत्र इलयास निवासी ग्राम कल्याणपुर थाना रतनपुरी के खाते से धोखाधड़ी कर निकाली गई धनराशि में से 36,170 रुपये वापस दिलाने में सफलता हासिल की है।
मामला 18 सितंबर 2025 का है, जब शान मोहम्मद ने थाना रतनपुरी स्थित साइबर हेल्पडेस्क पर शिकायत दर्ज कराई थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने ऑनलाइन धोखाधड़ी कर उनके बैंक खाते से 37,320 रुपये की धनराशि निकाल ली है। शिकायत प्राप्त होने पर पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ के निकट पर्यवेक्षण में साइबर हेल्पडेस्क की टीम ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। टीम ने संबंधित बैंक अधिकारियों को फ्रॉड की जानकारी दी और संदिग्ध बैंक खातों को तत्काल फ्रीज कराया। लगातार प्रयासों और तकनीकी विश्लेषण के बाद 28 अक्टूबर 2025 को धोखाधड़ी से निकाली गई राशि में से 36,170 रुपये पीड़ित के बैंक खाते में सफलतापूर्वक वापस कराए गए।
इस उपलब्धि के माध्यम से मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक बार फिर यह साबित किया है कि जनपद में साइबर अपराधों के प्रति पुलिस प्रशासन बेहद गंभीर और सक्रिय है। पुलिस टीम ने न केवल पीड़ित को राहत दिलाई बल्कि जनता को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का भी कार्य किया। पुलिस ने जनपदवासियों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के ऑनलाइन प्रलोभन या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। किसी भी व्यक्ति के साथ अपने बैंक खाते की गोपनीय जानकारी जैसे खाता संख्या, पिन, ओटीपी या सीवीवी नंबर साझा न करें।
यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर फ्रॉड या ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटना घटती है, तो तत्काल 1930 पर कॉल करें या मुजफ्फरनगर साइबर सेल के हेल्पलाइन नंबर 9454401617 पर संपर्क करें। इसके अलावा अपने नजदीकी थाने में स्थित साइबर हेल्प सेंटर से भी तुरंत सहायता प्राप्त की जा सकती है।मुजफ्फरनगर पुलिस का यह कदम न केवल अपराधियों के लिए चेतावनी है बल्कि जनता के लिए भी एक भरोसा है कि यदि समय पर सूचना दी जाए, तो साइबर अपराधों से हुई आर्थिक क्षति की भरपाई संभव है। साइबर हेल्पडेस्क की त्वरित कार्रवाई और प्रभावी समन्वय से यह सफलता पुलिस की दक्षता और जनसेवा के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है।















