बांदा। जिलाधिकारी जे.रीभा ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नरैनी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान महिला वार्ड, पीडियाट्रिक वार्ड, आयुष्मान/डेंगू वार्ड, पैथोलॉजी कक्ष, एक्स-रे, दवा वितरण कक्ष, बाह्य रोग पंजीकरण केन्द्र और आयुष्मान केन्द्र का जायजा लिया। उन्होंने मरीजों से अस्पताल में मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी ली और व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि अस्पताल आने वाली सभी गर्भवती महिलाओं की ब्लड जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए। हाई-रिस्क और एनीमिक महिलाओं को चिन्हित कर उनकी नियमित मॉनीटरिंग की जाए। ऐसी महिलाओं के लिए एचआरपी रजिस्टर तैयार कर उसमें सभी विवरण दर्ज करने के निर्देश दिए। एमसीपी कार्ड बनाकर उसमें रिपोर्ट दर्ज करने को कहा गया।
महिला परिवार कल्याण काउंसलर को निर्देश दिए कि जिन महिलाओं के दो से अधिक बच्चे हैं, उन्हें परिवार नियोजन के प्रति जागरूक किया जाए। एचआरपी रजिस्टर, पैथोलॉजी में ब्लड जांच से संबंधित रजिस्टर और ओपीडी में आने वाले मरीजों की जानकारी लेते हुए प्रभारी चिकित्सा अधिकारी से मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया।
सभी चिकित्सकों और स्टाफ को समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहने और कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को योजना का लाभ दिलाने के लिए जागरूक करने पर बल दिया गया। आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं के माध्यम से टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं की जांच संबंधी कार्यों की समीक्षा के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ब्रजेन्द्र, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अजय प्रताप विश्वकर्मा, अन्य चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहा।















