मुज़फ्फरनगर के जानसठ ब्लॉक संसाधन केन्द्र पर समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत एलिम्को कानपुर के सहयोग से दिव्यांग बच्चों के लिए उपकरण वितरण कैंप का आयोजन 5 दिसंबर 2025 को किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्लाक प्रमुख नरेन्द्र कुमार और विशिष्ट अतिथि उपजिलाधिकारी जानसठ राजकुमार तथा नायब तहसीलदार अजय कुमार द्वारा बच्चों को विभिन्न उपकरण प्रदान किए गए।
समारोह में ब्लाक प्रमुख नरेन्द्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में प्रारम्भिक शिक्षा एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन दिव्यांगता किसी भी प्रकार से अभिशाप नहीं है। आज सभी बच्चे समान हैं और दिव्यांग बच्चे भी सामान्य बच्चों की तरह शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों सहित आसपास के सभी बच्चों का विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित करें, ताकि वे सरकार द्वारा चलाई जा रही सभी सुविधाओं का लाभ ले सकें। उन्होंने बताया कि सरकार, बेसिक शिक्षा विभाग और एलिम्को कानपुर के संयुक्त प्रयास से दिव्यांग बच्चों की क्षमता और प्रतिभा को निखारने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में उपस्थित उपजिलाधिकारी राजकुमार ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को सुगम और सरल बनाने के लिए सहायक उपकरणों की व्यवस्था की गई है। यदि भविष्य में किसी बच्चे या अभिभावक को किसी प्रकार की दिक्कत आती है, तो वे प्रशासन से संपर्क कर समाधान प्राप्त कर सकते हैं। खंड शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार गोड ने सभी अतिथियों व विशेषज्ञों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
जिला समन्वयक समेकित शिक्षा सुशील कुमार ने बताया कि कैंप में कुल 73 बच्चों को विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरण वितरित किए गए। इनमें ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, सीपी चेयर, मानसिक दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष किट, मूक-बधिर बच्चों के लिए हियरिंग एड और दृष्टि बाधित बच्चों के लिए ब्रेल किट शामिल हैं। एलिम्को कानपुर से आए ऑडियोलॉजिस्ट सूरज कुमार और आगम आलोक ने अभिभावकों को उपकरणों के उपयोग और देखभाल के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम का संचालन पुष्पराज ने किया। कैंप के सफल आयोजन में प्रमिता, धर्मेंद्र, विनोद कुमार, इरशाद अहमद सहित सभी स्पेशल एजुकेटर तथा ब्लॉक संसाधन केन्द्र के भानु, श्रीकांत और विपिन शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस आयोजन ने क्षेत्र के दिव्यांग बच्चों को नई ऊर्जा और आत्मविश्वास प्रदान किया।















