अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयानों को लेकर विवादों में घिर गए हैं। इस बार उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कुछ ऐसा कहा, जिसे पोप फ्रांसिस पर तंज के रूप में देखा जा रहा है। ट्रंप के इस बयान को लेकर धार्मिक समुदाय और कई राजनीतिक विश्लेषकों ने नाराजगी जताई है।
दरअसल, ट्रंप ने एक पोस्ट में लिखा, “अब धर्मगुरु भी राजनीति करने लगे हैं। बेहतर होगा कि वे अपने काम पर ध्यान दें और हमें हमारा करने दें।” उनके इस कथन को पोप फ्रांसिस के हालिया भाषण से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें पोप ने जलवायु परिवर्तन और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर खुलकर बात की थी।
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे ट्रंप की निजी राय बता रहे हैं, जबकि अन्य इसे धार्मिक संस्थाओं पर सीधा हमला मान रहे हैं। वेटिकन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन कई धार्मिक नेताओं ने ट्रंप की टिप्पणी को ‘असंवेदनशील’ और ‘अनुचित’ बताया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान आगामी चुनावों से पहले धार्मिक मतदाताओं को प्रभावित करने की रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है। हालांकि, इससे उन्हें समर्थन मिलने की बजाय आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।















