अलवर: एनजीटी की रोक के बावजूद सरिस्का बफर जोन में अवैध पुलिया निर्माण जारी,

अलवर जिले के मालाखेड़ा उपखंड में सरिस्का बफर जोन के नदी बहाव क्षेत्र “नटनी का बारा” में निर्माण कार्य को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यहां एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) की रोक और ग्रेप-4 के तहत लगाए गए निर्माण प्रतिबंधों के बावजूद पुलिया का निर्माण कार्य प्रगति पर है।यह पुलिया करीब एक किलोमीटर लंबी है और केवल एक मंदिर तक पहुंचने के लिए बनाई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग और वन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से इस निर्माण को आगे बढ़ा रहा है। नदी बहाव क्षेत्र से मिट्टी और पत्थरों का दोहन कर पुलिया का निर्माण किया जा रहा है, जो नियमों का उल्लंघन है।

ग्रामीणों की आपत्ति और सवालएनजीटी और ग्रेप-4 की रोक के बावजूद निर्माण कार्य कैसे हो रहा है?नदी बहाव क्षेत्र की मिट्टी और पत्थरों का अवैध दोहन क्यों किया जा रहा है?वन विभाग और सिंचाई विभाग को इस निर्माण की जानकारी क्यों नहीं है, या जानबूझकर इसे अनदेखा किया जा रहा है?

अधिकारियों और ठेकेदार की प्रतिक्रिया ठेकेदार बाबूलाल सैनी: उन्होंने माना कि एनजीटी की रोक लागू है, लेकिन उन्होंने अपनी लेबर को व्यस्त रखने के लिए काम शुरू कर दिया।संजय खत्री (एक्सईएन, सिंचाई विभाग) उन्होंने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं था और जांच के लिए जेईएन को भेजने की बात कही।

यह मामला न केवल पर्यावरणीय कानूनों का उल्लंघन है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और मिलीभगत को भी उजागर करता है। ग्रामीणों की शिकायतों के बावजूद संबंधित विभाग कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

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