मुजफ्फरनगर। किसान मजदूर यूनियन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुक्रमपाल कश्यप ने केंद्र सरकार से अन्य पिछड़ा वर्ग (अन्य पिछड़ा वर्ग ) को देश की आबादी के अनुपात में 60 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि जब देश की जनसंख्या में अन्य पिछड़ा वर्ग की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से अधिक है, तो उन्हें भी समानुपातिक रूप से आरक्षण मिलना चाहिए।कश्यप ने यह भी कहा कि आरक्षण को चार उपवर्गों में बांटा जाए, ताकि अन्य पिछड़ा वर्ग के सभी समुदायों को न्याय मिल सके। उन्होंने तर्क दिया कि कुछ सशक्त जातियाँ अन्य पिछड़ा वर्ग के लाभों का एकतरफा दोहन कर रही हैं, जबकि कमजोर जातियाँ आज भी सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ी हुई हैं।
उपवर्गीकरण के जरिए ही हर वर्ग को उसका हक मिल सकेगा।इसके साथ ही उन्होंने मछुआ समुदाय की जातियों जैसे गोंड, नायक, धोरिया, ओझा, पठारी आदि को अनुसूचित जनजाति (ST) में शामिल किए जाने की भी जोरदार मांग की। उनका कहना था कि यह जातियाँ परंपरागत रूप से जलाशयों और नदियों पर आधारित आजीविका पर निर्भर रही हैं, और सामाजिक-सांस्कृतिक रूप से आदिवासी जीवनशैली से मेल खाती हैं।कश्यप ने केंद्र सरकार से यह भी मांग की कि कश्यप समाज की उपजातियाँ जैसे कहार, कश्यप, महार, दूरहा, मल्हा, केवट आदि को भी अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजातियों को केंद्र सरकार द्वारा 7.5 प्रतिशत आरक्षण दिया जाता है, लेकिन ये समुदाय वंचित रह जाते हैं, जबकि उनका जीवनस्तर और सामाजिक स्थिति आदिवासी समुदायों से अलग नहीं है।धरना प्रदर्शन के माध्यम से उन्होंने सरकार को यह संदेश दिया कि अगर सामाजिक न्याय की अवधारणा को धरातल पर उतारना है, तो जातिगत आंकड़ों, जनसंख्या के अनुपात और ऐतिहासिक रूप से उपेक्षित समुदायों की स्थिति का ध्यान रखते हुए आरक्षण की नीतियों में व्यापक सुधार किया जाना जरूरी है।























































