शारजाह से एक अप्रैल की सुबह लखनऊ अमौसी एयरपोर्ट पहुंचे 36 सोना तस्करों को कस्टम विभाग की टीम ने पकड़कर उनके कब्जे से 3.2 करोड़ की कीमत की सिगरेट बरामद की थी। पूछताछ में पता चला कि 30 आरोपी पेट में सोना छिपाकर भी लाए हैं।उसके अगले दिन 29 आरोपी तबीयत खराब होने कै बहाना बनाकर कस्टम की गिरफ्त से भाग गए।
ये सभी आरोपी रामपुर के टांडा क्षेत्र के रहने वाले हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद बृहस्पतिवार को तीन गाड़ियों में लखनऊ से आए कस्टम के अधिकारियों ने टांडा में छापा मारा। यहां अधिकतर आरोपियों के घरों पर ताले लटके मिले।
कस्टम विभाग के सहायक आयुक्त एके सिंह ने सरोजनी नगर थाने में काशिफ समेत 36 तस्करों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। वहीं मामले में कस्टम विभाग के आठ अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। लखनऊ से भागे सोना तस्करों की तलाश में कस्टम की टीम ने टांडा पुलिस के साथ मिलकर छापा मारा।हालांकि, कोई भी तस्कर नहीं मिला। इतना ही नहीं आरोपियों के परिजन भी ताला लगाकर फरार हो गए हैं। लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर पकड़े गए 36 सोना तस्करों में अधिकतर टांडा के रहने वाले हैं। खाड़ी देशों से टांडा के युवक देशभर में सोना तस्करी कर रहे हैं।
सोना तस्कर सोने की गोलियां निगलकर खाड़ी देशों से आते हैं और यहां आकर पेट से सोना निकाल लेते हैँ। एक युवक करीब 50 से 60 ग्राम सोना निगल लेता है, जिसकी कीमत 3 से 4 लाख रुपये तक होती है। कस्टम अधिकारियों के अनुसार एयरपोर्ट से 29 तस्कर फरार हो गए थे। जबकि अन्य कस्टम की कस्टडी में हैं।
उनसे पूछताछ की गई तो एक तस्कर ने यह कबूला कि उसके पेट में तस्करी कर लाया गया 50 ग्राम सोना है, जिसे कस्टम ने बरामद किया है। टांडा कोतवाली प्रभारी सुरेंद्र सिंह पचौरी ने बताया कि कस्टम विभाग की टीम लखनऊ से आई थी, क्या मामला था इसकी जानकारी नहीं है। थाने से पुलिस भेजी गई थी, शाम को टीम वापस लखनऊ लौट गई।
पासपोर्ट से चला आरोपियों का पता
कस्टम विभाग के अधिकारियों के अनुसार फरार सोना तस्करों के पासपोर्ट कस्टम विभाग के पास ही हैं। ऐसे में उन्हें आसानी से पकड़ा जा सकेगा। उसी के आधार पर उनकी तलाश की जा रही है। वहीं उनके अन्य साथियों के पासपोर्ट भी कस्टम के कब्जे में हैं। लिहाजा अब इन सभी के पासपोर्ट निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पासपोर्ट पर पते के अनुसार बृहस्पतिवार को कस्टम टीम ने टांडा में छापेमारी की, लेकिन आरोपी फरार मिले।सोना तस्करी मामले में ये आरोपी हुए फरार
एयरपोर्ट से फरार होने वाले तस्करों में जैस मोहम्मद, इशरार, जुबैर अहमद, अलकाम मोहम्मद, अली मोहम्मद, अरशद, हफीजुर्रहमान, लकी, जहीर अहमद, मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद नासिर, मोहम्मद अखलद, सईद जफर, नदीम अख्तर, रियासत अली, इमामुल हसन, मो. जहीर, जरीफ अहमद, मो. सलमान, मो. सरीक, मो. सुहैल, मो. इकबाल, आजम अली, मो. रजी, निजामुद्दीन, मो. उबैस, मो. इस्लाम, मो. अनस व मो. बशीर शामिल हैं।
पहले भी सोना तस्करी में बदनाम हो चुका है टांडा
इसी साल 24 फरवरी को भी टांडा के छह से अधिक तस्कर लखनऊ एयरपोर्ट पर पकड़े गए थे। वहीं टांडा पुलिस ने भी उसके बाद 12से अधिक लोगों को पकड़कर पूछताछ की थी। हालांकि, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया था। उससे पूर्व गाजियाबाद में टीम ने तस्करों का पीछा कर उन्हें पकड़ा था। वहीं देश के विभिन्न एयरपोर्ट पर अलग-अलग समय में टांडा के सोना तस्कर पकड़े जाते रहे हैं। सोना तस्करी के मामले में टांडा के कई युवाओं के नाम सामने आ चुके हैं।
कस्टम विभाग की टीम रामपुर आई थी, उन्हें फोर्स उपलब्ध कराया गया था। सोना तस्करी का कोई आरोपी नहीं मिला। – राजेश द्विवेदी, एसपी रामपुर
29 तस्करों की फरारी पर आठ कस्टम अधिकारी सस्पेंड
लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर कस्टम की गिरफ्त से फरार 29 तस्करों को अब गैंग मानकर उनकी जांच की जाएगी। एयरपोर्ट के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए हैं। इसमें कस्टम अधिकारी दोषी पाए गए हैं और आठ को सस्पेंड कर दिया गया है।मामला गत दिवस उस वक्त उजागर हुआ, जब कस्टम की टीम ने सरोजिनीनगर थाने में तस्करों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
कस्टम के मुताबिक शारजाह से लखनऊ पहुंची फ्लाइट से कुल 35 लोगों को तस्करी के संदेह में पकड़ा गया था। उनसे पूछताछ हो रही थी, इसी बीच एक तस्कर बेहोश हो गया। दूसरे तस्करों ने हंगामा शुरू कर दिया। नारेबाजी करने लगे। कस्टम अफसर उसके इलाज में लग गए। जबकि वह तस्कर ठीक पाया गया। इसी बीच वह दोबारा बेहोश हो गया।
इसका लाभ उठाते हुए 35 में से 29 तस्कर फरार हो गए। यह सोची-समझी रणनीति थी। शेष छह लोगों को जेल भेज दिया गया है। फरार हुए लोगों को अब कस्टम की टीम गैंग मानकर जांच करेगी और उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। इसके अतिरिक्त अमौसी एयरपोर्ट पर सीसीटीवी खंगाले गए, जिस पर कार्रवाई करते हुए कस्टम के आठ अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है।















