भास्कर न्यूज़ उत्तर प्रदेश उत्तराखंड
बुढ़ाना में, विश्वभर में मशहूर जमीयत उलमा-ए-हिन्द के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व प्रधान महासचिव मौलाना अब्दुल अलीम फारूकी के इंतकाल पर सारा कस्बा शोक में डूब गया। करबला रोड पर शोक सभा का आयोजन किया गया जिसमें उलमा हजरात ने भाग लिया।
वक्ताओं ने मौलाना फारूकी के सेवा को सराहा और उनके लिए दुआएं मांगी। शोक सभा में, वक्ताओं ने मौलाना फारूकी की मौत पर दुख का इजहार किया और उनके शिक्षात्मक योगदान की सराहना की। जमीयत उलमा-ए-हिन्द बुढ़ाना के नगर अध्यक्ष हाफिज शेरदीन ने कहा कि अल्लाह दुनिया में अच्छे लोगों की रहमत भेजता है और मौलाना फारूकी के खानदान के बड़े कारनामों की सराहना की। मौ0 आसिफ क़ुरैशी ने मौलाना के इंतकाल पर दुख का इजहार किया और उनके सेवाओं की महत्वपूर्णता को बताया। उन्होंने दारूल उलूम देवबंद और जमीयत उलमा-ए-हिन्द की सेवाओं को ऐतिहासिक माना। इस संदर्भ में, मौलाना अब्दुल अलीम फारूकी साहब ने दारूल उलूम देवबंद की सुप्रीम कमेटी शूरा के लंबे समय से सदस्य रहकर अजमते सहाबा की सेवा की है। इसी प्रकार, उन्होंने जमीयत उलमा-ए-हिन्द के माध्यम से भी अपना योगदान दिया है। उनके अद्वितीय योगदान को महत्वपूर्ण रूप से माना जाता है।















