बुढ़ाना में जमीयत उलमा-ए-हिन्द द्वारा एक ताज़ियती इजलास (शोकसभा) का आयोजन मदरसा सैयदना बिलाल कसेरवा में किया गया। इसमें दारुल उलूम देवबंद के पूर्व मोहतमिम मौलाना गुलाम मुहम्मद वस्तानवी, शेखुल हदीस मौलाना यामीन जलालाबाद और मौलाना सैय्यद आकिल के इंतकाल पर शोक व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने इन महान उलेमाओं की दीनी खिदमात और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए योगदान पर विस्तार से चर्चा की। मौलाना गुलाम मुहम्मद के योगदान को याद करते हुए बताया कि उन्होंने हजारों मदरसों और मस्जिदों की स्थापना की और शिक्षा को जन-जन तक पहुँचाया। मौलाना यामीन जलालाबाद की सादगी और समाज के प्रति उनकी सेवा भावना को सराहा गया। वहीं, मौलाना सैय्यद आकिल के ऐतिहासिक कार्यों और उनकी शिक्षा सेवाओं को भी मान्यता दी गई। शोक सभा में कई गणमान्य हस्तियों ने अपने विचार व्यक्त किए और इस दुखद अवसर पर दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए दुआ की। सभा में उपस्थित लोग भावुक थे और इन उलेमाओं की रोशनी को हमेशा याद रखने की बात कही।















