मुजफ्फरनगर में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं को परखने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भोपा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में मरीजों को दी जा रही चिकित्सा सेवाओं, साफ-सफाई की स्थिति, दवाओं की उपलब्धता, ओपीडी संचालन, अभिलेखों के रखरखाव तथा कर्मचारियों की उपस्थिति का गहन निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण कमियां सामने आईं, जिनमें छह स्वास्थ्यकर्मियों का बिना सूचना अनुपस्थित पाया जाना प्रमुख रहा। अनुपस्थित कर्मचारियों में डॉ. यशस्वी जैन (महिला चिकित्सक), सुप्रिया सिंह (स्टाफ नर्स), दीपा (स्टाफ नर्स), विपिन (लैब टेक्नीशियन), प्रवीण (स्टाफ नर्स) तथा ग्लोरियस (स्टाफ नर्स) शामिल हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों से तत्काल स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भोपा के प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय कुमार को निर्देशित किया कि सभी अनुपस्थित कर्मचारियों से तुरंत स्पष्टीकरण लेकर विस्तृत आख्या प्रस्तुत करें और यह सुनिश्चित करें कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा न हो।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की भी समीक्षा की गई और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मौजूद चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिए कि वे समय पर अपनी ड्यूटी पर उपस्थित रहें और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण, संवेदनशील तथा समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक मरीज को बेहतर इलाज और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि नियमित निरीक्षणों के माध्यम से अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें। सीएमओ ने यह भी निर्देश दिए कि अस्पताल की साफ-सफाई, दवा उपलब्धता और रिकॉर्ड संधारण की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, जिससे मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।























































