मुजफ्फरनगर में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ,

मुजफ्फरनगर। वाराणसी स्थित व्यापार केंद्र ट्रेड सेंटर से मुख्यमंत्री द्वारा मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया गया। इसी कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, स्वेटर और स्टेशनरी के लिए प्रति छात्र 1200 रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई। साथ ही लगभग 10 लाख शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा कवच उपलब्ध कराने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एमओयू का निष्पादन तथा राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण मुजफ्फरनगर के लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने बड़ी स्क्रीन पर देखा।

स्थानीय कार्यक्रम का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी, राष्ट्रीय लोकदल जिलाध्यक्ष संजय राठी और नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण के निर्देशन में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने कार्यक्रम की जानकारी दी। कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा परिषद और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, विशेष शिक्षक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की वार्डन एवं शिक्षिकाएं, भोजन माताएं तथा बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।

लाइव प्रसारण के दौरान बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यपुस्तक पढ़ाने का कार्य नहीं करते, बल्कि राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने बताया कि लंबे समय से शिक्षकों की मांग रही कैशलेस चिकित्सा सुविधा को अब लागू कर दिया गया है। माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं तथा बोर्ड परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता और नकलमुक्त वातावरण में संपन्न कराई गई हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और भोजन माताओं को योजना के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्यार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचे, इसके लिए डीबीटी व्यवस्था को मजबूत बनाया गया है। उन्होंने स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के साथ अनुशासित और गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण पर भी जोर दिया।

कार्यक्रम के अंत में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के 20 शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और भोजन माताओं को प्रतीकात्मक कैशलेस चिकित्सा कार्ड तथा 10 विद्यार्थियों को डीबीटी किट वितरित की। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित आठ स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं प्रधानाध्यापकों को सम्मानित किया गया। साथ ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, मुजफ्फरनगर के साथ सामाजिक सुरक्षा संबंधी एमओयू का भी निष्पादन किया गया।

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