तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने हाल ही में कहा कि राज्य में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) कानून के तहत दर्ज मामलों में कमी आई है। उन्होंने इसे राज्य सरकार की नीतियों और सामाजिक समरसता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का परिणाम बताया। मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु में समानता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, जिससे समाज में सद्भाव बढ़ा है और एससी-एसटी अत्याचार के मामलों में गिरावट दर्ज की गई है।
साक्षरता दर 80.09 प्रतिशत
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार, तमिलनाडु में लोगों की साक्षरता दर 80.09 प्रतिशत है, जबकि आदि द्रविड़ और आदिवासियों की साक्षरता दर 73.26 फीसदी है. उन्होंने कहा कि आदि द्रविड़ और आदिवासियों को शिक्षा प्रदान करने तथा उनमें कौशल विकास करने के लिए किए गए प्रयासों से रोजगार हासिल करने की उनकी क्षमता में इजाफा हुआ है.
120 ग्राम ज्ञान केंद्र स्थापित
स्टालिन ने कहा कि सेमिनार और प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने के लिए 117.27 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से 120 ग्राम ज्ञान केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं. उन्होंने समुदाय की सामाजिक-आर्थिक समृद्धि में सुधार के लिए राज्य सरकार की ओर से उठाए जा रहे विभिन्न कदमों की जानकारी भी दी.
8.25 करोड़ रुपए की सब्सिडी
स्टालिन ने कहा कि बुनियादी आय सृजन गतिविधियों के जरिए महिलाओं की आजीविका में सुधार के लिए टीएएचडीसीओ के माध्यम से दी जाने वाली सब्सिडी को 2023 से ढाई लाख रुपए से बढ़ाकर छह लाख रुपए कर दिया गया है और इस वर्ष 140 लाभार्थियों को 8.25 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी गई है.















