आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इंडिगो एयरलाइंस में चल रहे संकट को लेकर अपना पहला बयान जारी करते हुए सरकार का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष निगमित संकट को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है, जबकि वास्तविक कारण प्रशासनिक नहीं, बल्कि इंडिगो प्रबंधन की लापरवाही है। नायडू ने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकारी नीतियों के चलते यह स्थिति नहीं बनी, बल्कि एयरलाइन द्वारा कई वर्षों से पर्याप्त पायलट और क्रू की नियुक्ति न किए जाने की वजह से समस्या खड़ी हुई है।
मुख्यमंत्री ने संसद की स्थाई समिति द्वारा बनाए गए FDTL (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन) नियमों का हवाला देते हुए बताया कि ये नियम पायलटों के कार्य घंटे, अनिवार्य आराम और सुरक्षित उड़ान परिस्थितियों को सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं। इस नियम के तहत कोई भी पायलट तय समय से अधिक उड़ान नहीं भर सकता। नायडू ने कहा कि पायलटों को पर्याप्त आराम देना जरूरी है, अन्यथा उड़ान संचालन सुरक्षित नहीं माना जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि इंडिगो ने लंबे समय तक स्टाफ की कमी को दूर नहीं किया और रोस्टर मैनेजमेंट में भी गंभीर खामियां रहीं।
उनके अनुसार FDTL नियम लागू होने के बाद इंडिगो को मजबूरन इन प्रावधानों का पालन करना पड़ा, जिससे अचानक बड़ी संख्या में उड़ानों को रद्द करना पड़ा। इसी वजह से 4 दिसंबर को 550 और 5 दिसंबर को करीब 600 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। नायडू ने कहा कि यह संकट पूरी तरह से इंडिगो प्रबंधन की वर्षों पुरानी लापरवाही का परिणाम है, और सरकार को इसमें घसीटना विपक्ष की अनावश्यक राजनीति है। उन्होंने जनता से अपील की कि वास्तविक तथ्यों को समझें और गलत प्रचार का हिस्सा न बनें।
गलत योजना और स्टाफ की कमी से बिगड़े हालात
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि यह संकट इंडिगो की गलत योजना और स्टाफ की कमी की वजह से हुआ है, जिसका खामियाजा यात्रियों को उठाना पड़ा. नायडू ने कहा कि केंद्र सरकार ने अस्थायी राहत देने के लिए FDTL के कुछ नियमों में ढील दी है और स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी. केंद्र ने इंडिगो को निर्देश दिया है कि सभी प्रभावित यात्रियों को तुरंत रिफंड दिया जाए. आदेश के बाद अधिकांश रिफंड किए भी जा चुके हैं.
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष राष्ट्रीय संकट को बेवजह राजनीति में घसीट रहा है. वे अपनी गलतियों से ध्यान हटाने के लिए हम पर कीचड़ उछाल रहे हैं. यह मामला पूरी तरह केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है. मुख्यमंत्री होने के नाते मैं केंद्र के मंत्रियों के कामकाज में दखल नहीं देता. यह प्रधानमंत्री का अधिकार है. अंत में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और इंडिगो दोनों ही स्थिति सुधारने के लिए लगातार कदम उठा रहे हैं. जल्द ही हालात सामान्य हो जाएंगे.















