कोटपूतली। कोटपूतली-बहरोड़ जिले के मुख्यालय कोटपूतली में जिला एवं सत्र न्यायालय (डीजे कोर्ट) समेत कई महत्वपूर्ण न्यायिक संस्थाओं के गठन की घोषणा होते ही पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बन गया। सोमवार देर शाम राज्य सरकार के विधि एवं विधिक कार्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव बृजेन्द्र जैन द्वारा यह स्वीकृति जारी की गई।
खबर मिलते ही अधिवक्ताओं, जनप्रतिनिधियों और आमजन में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। मंगलवार सुबह से ही न्यायालय परिसर के मुख्य द्वार पर अधिवक्ता बड़ी संख्या में एकत्र हुए और जोरदार नारेबाजी की। वहां जमकर आतिशबाजी हुई और मिठाइयां बांटी गईं।
जिला अभिभाषक संघ कोटपूतली के अध्यक्ष एडवोकेट उदयसिंह तंवर को अधिवक्ताओं ने फूल मालाओं से लाद दिया। जश्न का आलम इतना व्यापक था कि मंगलवार को न्यायिक कार्य स्थगित कर दिए गए।
अध्यक्ष तंवर ने कहा कि यह कोटपूतलीवासियों को लंबे संघर्ष के बाद मिली ऐतिहासिक सफलता है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, विधि मंत्री जोगाराम पटेल, सांसद राव राजेन्द्र सिंह और स्थानीय विधायकों हंसराज पटेल, देवीसिंह शेखावत और कुलदीप धनकड़ का आभार जताया।
तंवर ने कहा कि डीजे कोर्ट खुलने से आमजन को अब जयपुर या अलवर नहीं जाना पड़ेगा। न्याय सस्ता और सुलभ होगा। उन्होंने इसे कोटपूतली का वाजिब हक बताया।
गौरतलब है कि 20 अक्टूबर 2023 को राजस्थान उच्च न्यायालय की कमेटी ने कोटपूतली में डीजे कोर्ट खोलने की अनुशंसा की थी और अस्थायी भवन भी चिन्हित कर लिए गए थे, लेकिन आचार संहिता के कारण प्रक्रिया रुक गई थी।
भाजपा सरकार बनने के बाद समीक्षा के चलते यह निर्णय लटका रहा, जिससे कोटपूतली और बहरोड़ के अधिवक्ताओं के बीच तनाव भी बढ़ गया। इस दौरान कोटपूतली, बानसूर, पावटा, विराटनगर और नारायणपुर के अभिभाषकों ने 12 फरवरी से 6 अप्रैल तक दो महीने तक आंदोलन किया, जिसमें धरना, अनशन, कोटपूतली बंद और पैदल मार्च शामिल रहे।















