मुजफ्फरनगर। दीपावली की रौनक के बीच रामपुरी मौहल्ला में शनिवार को सामाजिक समरसता और सनातन संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली, जब समाजसेवी मनीष चौधरी ने परिवार में 40 वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत धनतेरस के अवसर पर भंडारे का आयोजन किया। इस अवसर पर उनके निवास पर देवी-देवताओं को समर्पित पूजन और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में सक्षम चौधरी, कृष्णा चौधरी, विक्रांत चौधरी, विशाल तरार, निधि चौधरी, पूनम चौधरी, अनुराधा चौधरी और भूमि चौधरी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं और बच्चे उपस्थित रहे। समाजसेवी मनीष चौधरी ने बताया कि यह आयोजन बच्चों को संस्कार और भक्ति की भावना से जोड़ने का प्रयास है ताकि नई पीढ़ी भारतीय संस्कृति की जड़ों को पहचान सके और गर्वपूर्वक उसका पालन करे।
इस अवसर पर विभिन्न स्कूलों से आए सैकड़ों बच्चों ने प्रसाद ग्रहण किया और माता लक्ष्मी तथा भगवान गणेश की आराधना में भाग लिया। कार्यक्रम में समाज में प्रेम, सेवा और समर्पण का संदेश देने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने का पर्व नहीं है, बल्कि मन के अंधकार को मिटाकर समाज में प्रकाश फैलाने का संदेश देती है।
समापन अवसर पर सभी ने दीपावली पर्व पर सुख, समृद्धि और शांति की कामना की और लोगों को मिल-जुलकर पर्व मनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक हमारे घरों के साथ हमारे दिल भी प्रकाशित नहीं होंगे, तब तक सच्ची दीपावली नहीं होगी। इस भंडारे के माध्यम से प्रेम, सेवा और संस्कार के दीप जलाने का संदेश पूरे समाज तक पहुंचाया गया।















