मुजफ्फरनगर। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुजफ्फरनगर संदीप कुमार ने मोरना और सदर ब्लॉक के विभिन्न परिषदीयविद्यालयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिकाओं और विद्यालय की भौतिक एवं शैक्षिक स्थिति का अवलोकन किया गया। निरीक्षण में यह पाया गया कि अधिकांश विद्यालयों में शैक्षिक वातावरण संतोषजनक है और बालक-बालिकाओं के लिए शौचालय, हैंड वॉश यूनिट तथा पानी की आपूर्ति के लिए हैंडपंप व सबमर्सिबल क्रियाशील हैं।प्राथमिक विद्यालय बरूकी, मोरना में निरीक्षण के समय 83 नामांकित बच्चों में केवल 28 उपस्थित पाए गए। विद्यालय के प्रधानाध्यापक सहित कुल 5 अध्यापकों में से अतुल कुमार अनुपस्थित पाए गए, जिनके बीएलओ ड्यूटी के नाम पर रसूलपुर जाने की जानकारी दी गई थी, लेकिन वहां भी वे उपस्थित नहीं थे। उच्च प्राथमिक विद्यालय बरूकी में 29 बच्चों में केवल 8 उपस्थित थे, जबकि समस्त स्टाफ उपस्थिति में थे।प्राथमिक विद्यालय बाकरनगर में 102 नामांकित बच्चों में 37 बच्चे उपस्थित पाए गए। कासमपुरा उच्च प्राथमिक विद्यालय में 192 बच्चों में 104 उपस्थित हुए। यहां श्रीमती रेनू रानी आकस्मिक अवकाश पर थीं और श्री गौतम प्रकाश चतुर्थ श्रेणी बीआरसी भोपा पर संबद्ध थे। प्राथमिक विद्यालय रहकड़ा-1 में 119 नामांकित बच्चों में 51 बालक-बालिकाएं उपस्थित हुईं, जबकि सहायक अध्यापक रवि कुमार आकस्मिक अवकाश पर थे। उच्च प्राथमिक विद्यालय रहकड़ा में 78 बच्चों में 31 उपस्थित पाए गए और सहायक अध्यापक सुनीता रानी आकस्मिक अवकाश पर थीं।प्राथमिक विद्यालय रहकड़ा-2 में सभी सहायक अध्यापक और शिक्षामित्र उपस्थित थे, लेकिन 61 बच्चों में केवल 25 बच्चे विद्यालय आए। जटमुझेड़ा उच्च प्राथमिक विद्यालय में 80 नामांकित बच्चों में 60 उपस्थित थे, जबकि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आधार कार्य हेतु बीआरसी पर थे। वहीं प्राथमिक विद्यालय जटमुझेड़ा में 249 नामांकित बच्चों में 159 ही उपस्थित हुए। इस विद्यालय में प्रधानाध्यापक एवं चार सहायक अध्यापक आकस्मिक अवकाश पर पाए गए।निरीक्षण के दौरान यह देखा गया कि अधिकांश बच्चों ने यूनिफॉर्म पहन रखी थी और मध्याह्न भोजन निर्धारित मेन्यू के अनुसार बनाया जा रहा था। विद्यालयों की भौतिक संरचना और शैक्षिक स्तर संतोषजनक पाए गए। बीएसओ ने अनुपस्थित अध्यापकों के विरुद्ध पृथक कार्रवाई करने की जानकारी दी।निरीक्षण से यह स्पष्ट हुआ कि परिषदीय विद्यालयों में भौतिक सुविधाएं ठीक हैं, लेकिन बालक-बालिकाओं की उपस्थिति अभी भी अपेक्षित स्तर पर नहीं है। अधिकारियों ने स्कूलों में बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और अनुपस्थित अध्यापकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की सिफारिश की है।















