बिहार सरकार ने छात्रों के लिए चल रही स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को और अधिक लाभकारी और आकर्षक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। दिवाली के अवसर पर घोषित इस नए प्रावधान के तहत अब 12वीं पास छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण पूरी तरह ब्याज मुक्त उपलब्ध कराया जाएगा। पहले इस योजना के अंतर्गत छात्रों को लोन तो मिलता था, लेकिन उस पर ब्याज की व्यवस्था थी। सरकार के इस फैसले से अब आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों के छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में बड़ी राहत मिलेगी।
नई व्यवस्था के अनुसार ऋण चुकाने की अवधि भी छात्रों की सहूलियत के हिसाब से बढ़ा दी गई है। यदि किसी छात्र ने 2 लाख रुपये तक का लोन लिया है तो उसे अब 7 वर्षों में आसानी से चुकाया जा सकेगा, वहीं 2 लाख से अधिक का लोन लेने वालों को 10 साल तक की अवधि दी जाएगी। इसका सीधा लाभ यह होगा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्र बिना किसी वित्तीय दबाव के किस्तों में आराम से ऋण चुका पाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करेगा और राज्य में शिक्षा का स्तर और भी बेहतर होगा। साथ ही ग्रामीण और पिछड़े इलाकों के छात्र-छात्राओं को भी इसका लाभ मिलेगा। बिहार सरकार की यह पहल उन परिवारों के लिए विशेष रूप से मददगार साबित होगी जो आर्थिक तंगी के कारण बच्चों को कॉलेज या प्रोफेशनल कोर्सेज में दाखिला दिलाने में असमर्थ रहते हैं। दिवाली के मौके पर इस तरह की घोषणा ने छात्रों और अभिभावकों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है और इसे सरकार का दूरदर्शी कदम माना जा रहा है।















