यमन में UAE को बड़ा झटका, हद्रामौत में सऊदी समर्थित सरकार ने STC के खिलाफ शुरू किया ऑपरेशन

यमन में एक बार फिर सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच छिपा तनाव खुलकर सामने आ गया है। सऊदी अरब समर्थित यमन सरकार ने ऐसा कदम उठाया है, जिसे सीधे तौर पर UAE के प्रभाव को चुनौती देने वाला माना जा रहा है। यमन के रणनीतिक रूप से अहम हद्रामौत प्रांत के गवर्नर ने यूएई समर्थित साउदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (STC) से सैन्य ठिकाने वापस लेने के लिए एक “शांतिपूर्ण ऑपरेशन” शुरू करने का ऐलान किया है। STC को यमन में यूएई का सबसे मजबूत प्रॉक्सी माना जाता है और दक्षिणी यमन में उसकी पकड़ लंबे समय से बनी हुई है। ऐसे में हद्रामौत जैसे बड़े और संसाधन संपन्न प्रांत में STC के खिलाफ सऊदी समर्थित कार्रवाई को अबू धाबी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। गवर्नर ने यह जरूर स्पष्ट किया है कि यह कदम युद्ध की घोषणा नहीं है और इसका उद्देश्य केवल प्रांत में सरकारी संस्थानों की बहाली और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है, लेकिन क्षेत्रीय जानकार इसे सऊदी अरब और यूएई के बीच प्रॉक्सी संघर्ष का नया अध्याय मान रहे हैं।

हद्रामौत तेल संसाधनों और भौगोलिक स्थिति के कारण यमन में बेहद महत्वपूर्ण है और यहां प्रभाव बढ़ाने की होड़ लंबे समय से चल रही है। पहले ही अदन और दक्षिणी इलाकों में STC और सऊदी समर्थित बलों के बीच कई बार टकराव हो चुका है। अब हद्रामौत में यह कदम दोनों खाड़ी देशों के बीच अंदरूनी मतभेदों को और उजागर करता है। माना जा रहा है कि सऊदी अरब यमन में एक मजबूत, एकीकृत केंद्र सरकार चाहता है, जबकि यूएई दक्षिणी यमन में अपने समर्थक गुटों के जरिए प्रभाव बनाए रखने की रणनीति पर काम करता रहा है। यही वजह है कि दोनों सहयोगी होने के बावजूद यमन के मुद्दे पर कई बार आमने-सामने दिखे हैं। मौजूदा हालात में अगर यह ऑपरेशन आगे बढ़ता है और STC पीछे हटने से इनकार करता है, तो तनाव बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल यमन एक बार फिर क्षेत्रीय शक्तियों के बीच रस्साकशी का मैदान बनता दिख रहा है, जहां हर नया कदम पश्चिम एशिया की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है।

यूएई समर्थित STC पर सीधा वार

हद्रामौत के गवर्नर सालेम अहमद सईद अल-खुन्बाशी ने कहा कि उनका ऑपरेशन सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित रहेगा और इसका मकसद प्रांत में कानून-व्यवस्था बहाल करना है. इसी के साथ यमन की सऊदी समर्थित सरकार ने उन्हें होमलैंड शील्ड फोर्सेज का पूर्ण सैन्य, सुरक्षा और प्रशासनिक अधिकार दे दिया है. ये फैसला ऐसे समय आया है जब STC ने पिछले महीने दक्षिणी यमन के बड़े इलाकों पर कब्जा कर लिया था, जिसे सऊदी समर्थित सरकार ने अपने लिए खतरा माना.

एडन एयरपोर्ट बना टकराव का नया मोर्चा

तनाव का असर एडन अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भी दिखा. सऊदी अरब के राजदूत मोहम्मद अल-जाबेर ने आरोप लगाया कि STC प्रमुख ऐदारूस अल-जुबैदी ने सऊदी प्रतिनिधिमंडल को लेकर आ रहे विमान को उतरने की इजाजत नहीं दी, इसके बाद एयरपोर्ट पर उड़ानें ठप हो गईं. सऊदी अरब का कहना है कि वह लगातार बातचीत की कोशिश करता रहा, लेकिन STC ने हर प्रस्ताव ठुकरा दिया. वहीं STC नियंत्रित परिवहन मंत्रालय ने उल्टा आरोप लगाया कि सऊदी अरब ने हवाई नाकेबंदी लगा दी है.

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