विश्व एड्स दिवस 2025 के अवसर पर मुज़फ़्फ़रनगर में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा पूरे जनपद में जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की गई। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य एचआईवी और एड्स को लेकर समाज में फैली गलतफहमियों को दूर करना, लोगों को जांच के प्रति प्रेरित करना तथा संक्रमण की रोकथाम के लिए सही जानकारी उपलब्ध कराना रहा। इस वर्ष की थीम “बाधाएं होंगी दरकिनार – एचआईवी और एड्स पर होगा सशक्त प्रहार” को केंद्र में रखते हुए कई संस्थानों, कॉलेजों और स्वास्थ्य इकाइयों ने सक्रिय सहभागिता दिखाई।मुख्य कार्यक्रम एस.डी. कॉलेज, भोपा रोड में आयोजित किया गया, जहां एनसीसी और एनएसएस के युवाओं की विश्व एड्स दिवस जागरूकता परेड आकर्षण का केंद्र रही।
परेड को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान जिला क्षय रोग अधिकारी, एआरटी प्रभारी, एनसीसी/एनएसएस इनचार्ज और कॉलेज के अध्यापकगण मौजूद रहे। प्रतिभागियों को इस वर्ष की थीम के महत्व तथा एचआईवी/एड्स के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी से अवगत कराया गया।अपने संबोधन में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि एड्स जैसी बीमारी से बचाव का सबसे मजबूत उपाय जागरूकता है। समाज में एड्स को लेकर फैली भ्रांतियाँ और कुरीतियाँ संक्रमण के खिलाफ लड़ाई को कमजोर करती हैं। उन्होंने बताया कि जिले में जिला चिकित्सालय, खतौली, जानसठ और बुढ़ाना स्थित आईसीटीसी केंद्रों पर एचआईवी की निःशुल्क जांच उपलब्ध है, और हर व्यक्ति को अपनी एचआईवी स्थिति का ज्ञान अवश्य होना चाहिए। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विक्रांत ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को देखकर यह नहीं कहा जा सकता कि वह संक्रमित है या नहीं, इसलिए सभी लोगों को समय–समय पर जांच अवश्य करानी चाहिए।दूसरी ओर, एएनएमटीसी कूकड़ा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र–छात्राओं ने भी विश्व एड्स दिवस पर विशेष जागरूकता गतिविधियों में भाग लिया। पीएचएन सरिता और प्रशिक्षक टीम के निर्देशन में छात्रों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, जिसमें एचआईवी/एड्स के कारण, बचाव, रोकथाम और सामाजिक जागरूकता पर जोर दिया गया। इसके बाद रैली निकालकर स्वास्थ्य संदेशों को आमजन तक पहुँचाया गया और रैली का समापन जिला चिकित्सालय में किया गया।इसी क्रम में खतौली के आईसीटीसी केंद्र की टीम ने जनता कन्या इंटर कॉलेज, खतौली में छात्राओं को एड्स विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। चिकित्साधिकारी डॉ. एन.के. सिंह और काउंसलर शैली शर्मा ने एचआईवी संक्रमण के तरीकों, जांच प्रक्रिया, निःशुल्क सेवाओं और बचाव उपायों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने सभी छात्राओं से अपनी निःशुल्क एचआईवी जांच करवाने का आग्रह भी किया।
















