बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद हिंसा और अशांति फैलने की खबरें चिंताजनक हैं। तख्तापलट के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और अब वे भारत में हैं। शेख हसीना वर्तमान में यूपी के हिंडन एयरबेस के गेस्ट हाउस में ठहरी हुई हैं और उन्हें कड़ी सुरक्षा में रखा गया है।
सूत्रों के अनुसार, शेख हसीना कुछ दिनों तक भारत में ही रहेंगी लेकिन वे हिंडन एयरबेस से बाहर नहीं आएंगी। उनके साथ कुछ रिश्तेदार भी आए थे जो अब लंदन जा चुके हैं। भविष्य में शेख हसीना कहाँ जाएंगी, इसका निर्णय वे स्वयं करेंगी।बांग्लादेश में अस्थिर हालात पर भारत सरकार ने चिंता व्यक्त की है और पड़ोसी देश की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में कहा कि बांग्लादेश के साथ भारत के दशकों पुराने गहरे संबंध हैं और वहां की स्थिति से यहां भी चिंता उत्पन्न हुई है।
बांग्लादेश में जो कुछ हुआ, उसका एक सूत्री एजेंडा यही था
एस. जयशंकर ने कहा कि बांग्लादेश में जून से हालात बिगड़ने शुरू हुए थे. यह सिलसिला अब तक जारी है. वहां के सु्प्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी हालात नहीं बदले. बांग्लादेश में जो कुछ हुआ, उसका एक सूत्री एजेंडा यही था कि शेख हसीना प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दें.
कर्फ्यू के बाद भी वहां दंगे हुए हैं, हालात अभी भी अस्थिर
बांग्लादेश के हालात पर जानकारी देते हुए एस. जयशंकर ने कहा कि पांच अगस्त को कर्फ्यू के बाद भी वहां दंगे हुए हैं. अभी भी हालात अस्थिर हैं. एक अनुमान के अनुसार बांग्लादेश में 19 हजार भारतीय नागरिक हैं. इसमें 9 हजार छात्र हैं. हालांकि, अधिकतर छात्र जुलाई में भारत लौट आए.
संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में लोग स्वतंत्र जांच के हकदार हैं: ब्रिटेन
बांग्लादेश के हालात पर ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी का भी बयान आया है. उन्होंने कहा है कि पिछले कुछ हफ्तों में बांग्लादेश ने भारी हिंसा और जान-माल की हानि देखी है. संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में वहां के लोग घटनाओं की पूर्ण और स्वतंत्र जांच के हकदार हैं.















