बागपत। लोकसभा चुनाव में भले ही 80 वर्ष से अधिक उम्र व दिव्यांग मतदाताओं को घर से वोट डालने की छूट दी गई है लेकिन बुजुर्गों व दिव्यांगों ने बैलेट पेपर की जगह ईवीएम से वोट डालने पर ज्यादा भरोसा जताया है।यही कारण है कि 23,323 में केवल 195 ही बैलेट से मतदान करने को तैयार हुए हैं जबकि अधिकतर बुजुर्गों व दिव्यांगों के घरों पर इसकी अनुमति के लिए फार्म 12डी भिजवाया गया था।
मतदान केंद्रों तक पहुंचने में होने वाली परेशानी से बचाने के लिए चुनाव आयोग ने 80 वर्ष से अधिक उम्र व दिव्यांग मतदाताओं को घर से वोट डालने की छूट दे रखी है। ऐसे सभी मतदाताओं के घर टीम भेजकर 12डी फार्म दिया गया था। इस पर उन्हें स्वीकृति देनी थी कि वे बैलेट पेपर से घर से मतदान करेंगे। घर से वोट डालने की सुविधा केवल फार्म वापस जमा कराने वालों को मिलनी थी। जिले में सभी 80 साल से अधिक उम्र वाले 17651 बुजुर्ग व 5722 दिव्यांग मतदाता है। इनमें से केवल 150 बुजुर्गों और 45 दिव्यांगों ने ही घर से वोट डालने में रुचि दिखाई है। इन सभी के घर टीम जाएगी और इनके वोट डलवाए जाएंगे। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी, जिससे किसी तरह का कोई आरोप नहीं लगाया जा सके। जबकि अन्य सभी वोटर मतदान केंद्रों पर जाकर ईवीएम से वोट डालेंगे। 12 पोलिंग पार्टियां लगाई, छपरौली से होगी शुरुआत
80 वर्ष से अधिक उम्र व दिव्यांग मतदाताओं की घर से दो दिन तक वोट डलवाई जाएगी। जिसकी शुरुआत बृहस्पतिवार से होगी। इसके लिए 12 पोलिंग पार्टियां लगाई गई है, जिसमें मजिस्ट्रेट में रहेंगे। पहले दिन सभी पोलिंग पार्टियां छपरौली विधानसभा क्षेत्र से शुरुआत करेगी और एक दिन पूरा छपरौली में लगेगा। उसके बाद शुक्रवार को बड़ौत व बागपत विधानसभा क्षेत्र में वोट डलवाई जाएगी। इन वोट को बॉक्स में मतगणना केंद्र पर स्ट्रांग रूम में रखा जाएगा।
इस तरह है वोटरों की स्थिति
लोकसभा क्षेत्र में 80 वर्ष से अधिक उम्र वाले 26071 वोटर है, जबकि जिले में 17651 मतदाता है। इनके अलावा दिव्यांग वोटर 11801 है तो जिले में 5722 मतदाता है। इस तरह ही सर्विस वोटर 12013 हैं। वोटरों के आधार पर लिंगानुपात 821 है।
चुनाव आयोग से यह सुविधा दी गई है कि 80 वर्ष से अधिक उम्र वाले व दिव्यांग मतदाता घर से वोट डाल सकेंगे। इसके लिए स्वीकृति को फार्म सभी के घर भेजा गया था, जिनमें से जिले में 195 ने घर से वोट डालने की स्वीकृति दी है। इनकी वोट 18 व 19 अप्रैल को डलवाई जाएगी। – जितेंद्र प्रताप सिंह, डीएम















