मुजफ्फरनगर में एचआईवी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और हाई रिस्क ग्रुप को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के उद्देश्य से एक विशेष सामुदायिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ग्रामीण विकास एवं मानव सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें परियोजना प्रबंधक ज्योत्सना ने कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्य की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य ऐसे लोगों तक पहुंच बनाना था जो एचआईवी संक्रमण के अधिक जोखिम में रहते हैं, ताकि उन्हें समय रहते जागरूक किया जा सके और नियमित जांच व उपचार के लिए प्रेरित किया जा सके। इस दौरान प्रतिभागियों को एचआईवी संक्रमण के कारण, लक्षण, बचाव के उपाय और उपलब्ध उपचार सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया गया।
साथ ही यह भी समझाया गया कि समय पर जांच कराने से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है और संक्रमित व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है।कार्यक्रम में जिला अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. मुजब्बीर रहमान और आईसीटीसी से नवीन मैडम ने प्रतिभागियों को एचआईवी/एड्स से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि सुरक्षित व्यवहार, नियमित जांच और सही उपचार से इस संक्रमण के प्रसार को रोका जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार के संकोच या सामाजिक भय को छोड़कर स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर जांच कराएं और आवश्यक सलाह लें। कार्यक्रम के दौरान किन्नर समुदाय को विशेष रूप से इस अभियान से जोड़ा गया, जिसमें उनके गुरुओं को जागरूक करते हुए यह जिम्मेदारी दी गई कि वे अपने समुदाय के अन्य सदस्यों को भी जांच और उपचार के लिए प्रेरित करें। किन्नर समुदाय के जुड़ने से इस अभियान को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई।इस अवसर पर हाई रिस्क ग्रुप के लोगों को प्रशिक्षण भी दिया गया, जिसमें उन्हें अपनी सेहत के प्रति सजग रहने, सुरक्षित व्यवहार अपनाने और समय–समय पर स्वास्थ्य जांच कराने के लिए प्रेरित किया गया। संस्थान के प्रतिनिधियों ने बताया कि समाज के हर वर्ग को इस तरह के अभियानों से जोड़ना जरूरी है, ताकि एचआईवी के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर किया जा सके और लोग खुलकर अपनी जांच करा सकें। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ किया गया कि अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच बनाकर उन्हें जागरूक किया जाएगा और जरूरतमंदों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाएगा, जिससे एचआईवी संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण में प्रभावी सफलता हासिल की जा सके।















