भास्कर न्यूज़ उत्तर प्रदेश उत्तराखंड
मुजफ्फरनगर। ऑल इंडिया शिक्षा और इंसानियत के पैगाम पर एक कांफ्रेंस का आयोजन देवबंद मदरसे में किया गया। देवबंद नगर के मदरसा दारूल उलूम अशर्फियां में एक प्रोग्राम का आयोजन किया गया, जिसमें पूरे देश से दीनी तालीम हासिल कर फारिग होने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सर्व समाज संस्था के अध्यक्ष व प्रमुख समाजसेवी मनीष चौधरी, सैयद अंजर मियां मेंबर दारुल उलूम देवबंद कार्यकारिणी समिति, सैय्यद बिलाल हुसैन सज्जादा नशीन खानकाह अशर्फियां बागपत व फैजुर रहमान ने छात्रों को शील्ड और डिग्री देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर कार्यक्रम में बोलते हुए मदरसा के संचालक मौलाना अशरफ कासमी ने बताया आज यह आयोजन देवबंद की पाक सर जमीन पर हो रहा है, पूरे मुल्क में ही नहीं बल्कि मुल्क से बाहर भी मशहूर मदरसा दारूल उलूम अशरफिया देवबंद के यह वह 221 स्टूडेंट है, जो इस्लामिक पीएचडी की डिग्री अपने बुजुर्गों और ऋषि मुनियों के हाथों यहां लेने के लिए आए हैं, ऑनलाइन बाहर मुल्कों से जिन्होंने पढ़ाई की और फारिग हुए। उन्होंने कहा कि हम हिंदुस्तान को यह पैगाम देना चाहते हैं, अगर हिंदुस्तान तरक्की कर सकता है, तो उसकी दो ही बुनियादें हैं, एक हिंदुस्तान का अमन वाला होना शिक्षित होना और इल्म वाला होना, यह पैगाम इन 221 छात्रों को देशभर से आए एक हजार से ज्यादा उलेमाओं ने आकर दिया है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से आए फैज़ुर रहमान ने दीनी तालीम के साथ ही दुनियावी तालीम हासिल करने पर भी बल दिया।उन्होंने कहा देवबंद से जो आवाज़ उठती है वो पूरी दुनिया मे असर रखती है इस जमीन ने लाखों वतनपरस्त और इस्लाम परस्त पैदा करे हैं , कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रमुख समाजसेवी व सर्व समाज संस्था के अध्यक्ष मनीष चौधरी ने कहा कि यह बडे सौभाग्य की बात है कि इस मदरसे में हमें तीसरी बार आने का सौभाग्य मिला है।
हिंदू मुस्लिम एकता की सबसे बड़ी मिसाल यही है कि यहां पर सभी धर्मों के अतिथि आये हैं। उन्होंने मदरसे से तालीम हासिल करने वाले छात्रों से कहा कि यहां से निकल कर अपनी कौम, देश व समाज के हित के लिए काम करेंगे और हिन्दू मुस्लिम एकता व सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने में मदद करते हुए आगे बढ़ेंगे। कार्यक्रम में सैयद अंजर मियां मेंबर दारलूम देवबंद कार्यकारिणी समिति, सैयद बिलाल हुसैन सज्जादा नशीन खानका अशरफिया बागपत,मौलाना सालिम अशरफ क़ासमी प्रिंसिपल दारलूम अशरफिया, मौलाना शादाब अशरफी प्रिंसिपल फैजुल इस्लाम जाइ जिला मुजफ्फरनगर, गुफरान हाशमी, रविश आलम,,मुफ़्ती वली,,नजम उस्मानी,,ताहिर,शिबली ने भी अपने विचार व्यक्त किए। एक हज़ार की संख्या में लोग उपस्थित रहे और कॉन्फ्रेंस को कामयाब बनाया















