सर्दियों के मौसम में ऊनी कपड़े पहनना जितना आरामदायक होता है, उन्हें संभालना और धोना उतना ही चुनौती भरा काम होता है। कई लोग ऊनी कपड़ों को साधारण कपड़ों की तरह ही धो देते हैं, जिसके कारण उनकी चमक, मुलायमपन और मूल आकार प्रभावित हो जाते हैं। ऊन एक नाज़ुक फैब्रिक है, जिसे साफ़ करते समय विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है, वरना महंगे स्वेटर, कार्डिगन, शॉल या जैकेट जल्दी पुराने और खराब दिखने लगते हैं। आइए जानते हैं वे आम गलतियाँ, जिन्हें लोग अनजाने में कर बैठते हैं और जिनसे बचकर आप अपने ऊनी कपड़ों की उम्र बढ़ा सकते हैं।
सबसे पहली और बड़ी गलती है गर्म पानी का इस्तेमाल। कई लोग सोचते हैं कि गर्म पानी से कपड़े ज्यादा साफ़ होते हैं, लेकिन ऊनी कपड़ों के लिए यह बिल्कुल गलत है। गर्म पानी से ऊन की फाइबर सिकुड़ जाती है, जिससे कपड़ा छोटा और टेढ़ा-मेढ़ा हो सकता है। हमेशा हल्के गुनगुने या ठंडे पानी में ही ऊनी कपड़े धोएं। दूसरी गलती है कठोर डिटर्जेंट का उपयोग। सामान्य डिटर्जेंट में मौजूद रसायन ऊन को नुकसान पहुंचाते हैं, उसकी चमक कम कर देते हैं और फाइबर को रूखा बना देते हैं। इसलिए ऊनी कपड़ों के लिए विशेष रूप से बने माइल्ड डिटर्जेंट का ही प्रयोग करना चाहिए।
तीसरी आम गलती है कपड़ों को जोर-जोर से मसलना या रगड़ना। ऐसा करने से ऊन फैल जाता है और कपड़े की शेप बिगड़ने लगती है। ऊनी कपड़ों को हमेशा हल्के हाथों से दबाकर धोएं और अधिक रगड़ने से बचें। इसके साथ ही कई लोग धोने के बाद कपड़ों को पानी निचोड़ने के लिए मरोड़ देते हैं, जबकि यह तरीका ऊनी फैब्रिक को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है। मरोड़ने से बचें, इसके बजाय हल्के दबाव से पानी निकालें और साफ़ तौलिये पर रखकर धीरे से दबाते हुए सुखाएं।एक और महत्वपूर्ण गलती है कपड़ों को सीधे धूप में सुखाना। तेज़ धूप ऊन की रंगत फीकी कर सकती है और कपड़ा कठोर हो जाता है। हमेशा ऊनी कपड़ों को छांव में, हवा वाली जगह पर सुखाएं। इसके साथ ही हैंगर पर लटकाकर सुखाना भी ठीक नहीं है, क्योंकि इससे कपड़ा खिंच जाता है और उसकी फिटिंग बिगड़ जाती है। बेहतर है कि इन्हें समतल सतह पर फैलाकर सुखाया जाए।अगर आप इन छोटी-छोटी गलतियों से बचते हैं, तो आपके ऊनी कपड़े लंबे समय तक नए जैसे दिखेंगे और उनकी चमक तथा मुलायमपन बरकरार रहेंगे।















