कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राजस्थान के मंत्री टीकाराम जूली के धर्म को लेकर उठाए गए सवालों पर भाजपा को घेरते हुए पूछा, “क्या दलित हिंदू नहीं हैं?” खरगे ने कहा कि भाजपा सिर्फ अपने राजनीतिक फायदे के लिए धर्म और जाति के मुद्दों को उछालती है, जबकि दलितों को बराबरी का दर्जा देने से कतराती है।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा की नीतियाँ समाज को बाँटने का काम कर रही हैं, जबकि कांग्रेस सबको साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। टीकाराम जूली को लेकर उठाए गए विवाद को उन्होंने पूरी तरह से असंवैधानिक और दलित विरोधी बताया।
टीकाराम जूली को लेकर क्या है विवाद?
भाजपा नेताओं ने हाल ही में एक सार्वजनिक मंच पर टीकाराम जूली की धार्मिक पहचान पर सवाल खड़े किए थे। कुछ भाजपा नेताओं का कहना था कि जूली की विचारधारा हिंदू परंपरा से मेल नहीं खाती, जिससे राजस्थान की राजनीति में हलचल मच गई।
खरगे का पलटवार
कांग्रेस अधिवेशन में खरगे ने भाजपा की सोच को “संकीर्ण और विभाजनकारी” बताते हुए कहा:
“दलितों को हिन्दू मानने में भाजपा को तकलीफ क्यों होती है? जब वोट लेने की बात आती है, तब वे सबसे पहले दलितों के घर जाकर खाना खाते हैं। लेकिन जब अधिकार देने की बारी आती है, तो वे पीछे हट जाते हैं।”
कांग्रेस का रुख साफ
कांग्रेस ने साफ कहा है कि वह दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों को समान अधिकार और सम्मान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। अधिवेशन में दलित नेताओं की भागीदारी को भी पार्टी ने आगे बढ़ाया।
राजनीतिक विश्लेषण
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि खरगे का यह बयान दलित वोट बैंक को साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, खासकर उन राज्यों में जहाँ जल्द चुनाव होने हैं।















