ईरान युद्ध के बीच ट्रंप के लिए व्हाइट हाउस में पादरियों की विशेष प्रार्थना, ‘हाथ रखकर आशीर्वाद’ पर छिड़ी चर्चा,

ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए व्हाइट हाउस में एक विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई, जिसकी तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। इस प्रार्थना में कई पादरी राष्ट्रपति के चारों ओर खड़े होकर उनके ऊपर हाथ रखकर प्रार्थना करते दिखाई दिए। इस दृश्य को लेकर कुछ लोगों ने इसे जादू-टोना जैसा बताया, जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह ईसाई धर्म की एक पारंपरिक धार्मिक प्रार्थना पद्धति है। दरअसल, राष्ट्रपति ने व्हाइट हाउस में देशभर से आए पादरियों और ईसाई धर्म से जुड़े धार्मिक नेताओं के एक समूह को आमंत्रित किया था। इस दौरान ओवल ऑफिस में आयोजित प्रार्थना सभा की तस्वीर कम्युनिकेशन एडवाइजर मार्गो मार्टिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की, जिसमें राष्ट्रपति अपनी डेस्क पर बैठे नजर आ रहे हैं और पादरी उनके चारों ओर खड़े होकर उनके सिर और कंधों पर हाथ रखकर प्रार्थना कर रहे हैं।

इस प्रार्थना सभा का नेतृत्व पास्टर टॉम मुलिन्स ने किया, जो क्राइस्ट फेलोशिप चर्च के संस्थापक हैं। प्रार्थना के दौरान उन्होंने ईश्वर से राष्ट्रपति के लिए आशीर्वाद, सुरक्षा और नेतृत्व की शक्ति देने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि ईश्वर राष्ट्रपति को देश का नेतृत्व करने की शक्ति दें और साथ ही अमेरिकी सैनिकों तथा सशस्त्र सेनाओं में सेवा कर रहे सभी पुरुषों और महिलाओं की भी रक्षा करें। उन्होंने यह भी प्रार्थना की कि अमेरिका ईश्वर के अधीन एक राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ता रहे।

धार्मिक विशेषज्ञों के अनुसार, किसी व्यक्ति के ऊपर हाथ रखकर प्रार्थना करना ईसाई धर्म की एक पुरानी परंपरा है, जिसे ‘लेइंग ऑन ऑफ हैंड्स’ कहा जाता है। इसका उल्लेख बाइबिल की किताबों एक्ट्स और हिब्रूज़ में भी मिलता है। इस परंपरा में आशीर्वाद देने, शक्ति प्रदान करने और ईश्वर से मार्गदर्शन की प्रार्थना करने के लिए व्यक्ति पर हाथ रखा जाता है। इसलिए इसे जादू-टोना या किसी तरह की रहस्यमय प्रक्रिया नहीं माना जाता, बल्कि यह आस्था से जुड़ी सामान्य धार्मिक प्रार्थना मानी जाती है।

वहीं दूसरी ओर, ईरान के साथ जारी युद्ध के कारण अमेरिका की सैन्य गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। अमेरिकी सेना ईरान की राजधानी तेहरान सहित कई शहरों में हवाई हमले कर रही है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में हमले और तेज हो सकते हैं। अमेरिका का दावा है कि उसके बी-2 बॉम्बर विमानों ने ईरान के अंदर छिपे बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाया है। हालांकि इस संघर्ष में अमेरिका को भी नुकसान उठाना पड़ा है और छह अमेरिकी सैनिकों की मौत की पुष्टि की गई है,

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