उत्तर प्रदेश की 9 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के चलते राजनीतिक माहौल गर्म है। चुनाव प्रचार समाप्त हो चुका है, लेकिन समाजवादी पार्टी (सपा) ने चुनाव आयोग से महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं।
सपा की मुख्य मांगें:
- पुलिसकर्मियों की भूमिका सीमित करना:
सपा ने कहा कि मतदान के दौरान किसी भी पुलिसकर्मी को मतदाताओं की आईडी जांचने का अधिकार नहीं होना चाहिए। केवल पोलिंग ऑफिसर ही पहचान पत्र जांचें। - लोकसभा चुनाव के अनुभव:
पार्टी ने दावा किया कि पिछले लोकसभा चुनाव में कई पोलिंग बूथों पर, खासकर मुस्लिम महिलाओं को डराने-धमकाने की कोशिश की गई थी। - प्रमाणित वोटिंग डाटा की मांग:
सपा ने 9 सीटों पर मतदान समाप्ति के बाद एजेंट्स को कुल डाले गए वोटों की प्रमाणित कॉपी उपलब्ध कराने की मांग की है।
चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया:
चुनाव आयोग ने पहले ही साफ किया है कि वह निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाता है। आयोग का दावा है कि हर शिकायत का उचित समाधान किया गया है।
उपचुनाव के विवरण:
चुनाव उत्तर प्रदेश की 9 सीटों (फूलपुर, गाजियाबाद, मझवां, खैर, मीरापुर, सीसामऊ, कटेहरी, करहल, कुंदरकी) पर हो रहे हैं। पहले वोटिंग 13 अक्टूबर को होनी थी, लेकिन त्योहारों के कारण इसे स्थगित कर दिया गया। अब 23 नवंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे।यह उपचुनाव राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं, क्योंकि यह सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच सीधा मुकाबला है।















