मुज़फ्फरनगर में बढ़ते तापमान के बीच जिला प्रशासन ने हीट स्ट्रोक से बचाव को लेकर एडवाइजरी जारी की है। विशेषज्ञों के अनुसार दोपहर के तीन घंटे – दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक – स्वास्थ्य के लिए सबसे अधिक नुकसानदेह हो सकते हैं। इस दौरान लोगों को खुले में न निकलने की सलाह दी गई है। बच्चों और जानवरों को किसी भी स्थिति में बंद गाड़ी में न छोड़ने को कहा गया है, क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है।अपर जिलाधिकारी गजेन्द्र कुमार ने बताया कि हीट वेव शरीर की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकती है, जिससे हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। इससे बचाव के लिए लगातार पानी पीने, हल्के और ढीले कपड़े पहनने, छाता या गीले कपड़े से शरीर को ढकने तथा घर में बने पेय पदार्थ जैसे लस्सी, नींबू पानी, छाछ, चावल का माड़ आदि के सेवन की सलाह दी गई है।बासी और संक्रमित भोजन से परहेज करने को कहा गया है। यदि कमजोरी, चक्कर, सिरदर्द, उल्टी, अधिक पसीना या बेहोशी जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। सरकारी कार्यालयों में प्राथमिक चिकित्सा किट उपलब्ध होनी चाहिए, नहीं मिलने पर विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी तय की जाएगी।घर को ठंडा रखने के लिए पर्दे और दरवाजों का उपयोग करें और शाम व रात के समय खिड़कियां खोलें। कार्यस्थलों पर ठंडे पानी की व्यवस्थाहोनी चाहिए और कर्मचारियों को सीधी धूप से बचाने के निर्देश दिए गए हैं। श्रमसाध्य कार्य सुबह या शाम के समय करने की सलाह दी गई है।















