दिल्ली में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता और प्रदूषण के बढ़ते स्तर को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला है। राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) कई इलाकों में 400 से पार और कुछ स्थानों पर 700 तक पहुंच गया है, जिससे लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। इसी मुद्दे पर दिल्ली नगर निगम की आम सभा की बैठक में आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने जमकर हंगामा किया और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
आप नेता अंकुश नारंग ने कहा कि दिल्लीवासी अब खांस-खांसकर थक चुके हैं। चार इंजन वाली भाजपा सरकार—केन्द्र, राज्य, नगर निगम और उपराज्यपाल—के बावजूद राजधानी की हवा जहरीली होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार केवल वादे करने में माहिर है, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ नहीं किया गया। नारंग ने कहा कि “एक मेयर जो अपने ही वार्ड को साफ नहीं रख सकता, वह पूरी दिल्ली को कैसे सुधार सकता है?”
उन्होंने कहा कि प्रदूषण को रोकने के लिए बनाए गए पानी के छिड़काव यंत्र बंद पड़े हैं, सड़कों पर धूल उड़ रही है, और कचरे के ढेर खुले में सड़ रहे हैं। इसके बावजूद सरकार आंखें मूंदे बैठी है। अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने से पहले दिल्ली को साफ-सुथरा और प्रदूषण मुक्त बनाने का वादा किया था, लेकिन आज हालात पहले से भी खराब हैं। दिल्ली में स्कूलों के बच्चे मास्क लगाकर घरों में कैद हैं, बुजुर्ग और मरीज अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं, जबकि सरकार के पास न कोई ठोस योजना है और न ही कोई त्वरित कार्रवाई।
आप नेता ने तंज कसते हुए कहा कि यह वही भाजपा है जो पहले दिल्ली में बारिश के दौरान जलभराव रोकने का दावा करती थी, लेकिन अब वही सरकार प्रदूषण के दलदल में फंसी हुई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली को विकास नहीं, बल्कि विनाश की ओर ले जाया जा रहा है। अंकुश नारंग ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि यदि वह राजधानी की जनता को स्वच्छ हवा तक नहीं दे सकतीं, तो पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में अब केवल दिखावे की राजनीति हो रही है। चार इंजन की सरकार ने दिल्ली को सुधारने के बजाय उसकी सांसें छीन ली हैं। प्रदूषण के बढ़ते स्तर से न केवल लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है, बल्कि राजधानी की साख भी दांव पर लग गई है। आप नेताओं ने मांग की है कि सरकार तुरंत आपात स्तर पर प्रदूषण नियंत्रण के कदम उठाए, फॉग टावरों और स्प्रिंकलर मशीनों को सक्रिय करे, और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। दिल्ली के लोगों को अब खोखले भाषण नहीं, बल्कि स्वच्छ हवा चाहिए।















