पंजाब की राजनीति इस समय आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को लेकर गरमाई हुई है। पटियाला जिले की सन्नौर सीट से विधायक पठानमाजरा को पंजाब पुलिस ने दुष्कर्म के एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया था। उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत मामला दर्ज है। आरोप है कि उन्होंने कई वर्ष पहले एक महिला के साथ दुष्कर्म किया था, जिसकी शिकायत के आधार पर मामला अदालत में विचाराधीन है। गिरफ्तारी के बाद जैसे ही पुलिस उन्हें कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही थी, उसी दौरान वह पुलिस हिरासत से फरार हो गए।
इस घटना ने प्रदेश की राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया है। विपक्षी दल कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष का कहना है कि आम आदमी पार्टी अपने नेताओं को बचाने की कोशिश कर रही है और यह कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल है कि एक विधायक पुलिस की गिरफ्त से भागने में सफल हो गया। वहीं, पुलिस विभाग भी कठघरे में आ गया है क्योंकि एक बड़े राजनीतिक पद पर बैठे व्यक्ति को हिरासत से भागने देना गंभीर लापरवाही मानी जा रही है।
पंजाब पुलिस ने पठानमाजरा की तलाश तेज कर दी है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। वहीं, इस प्रकरण पर AAP की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। बताया जा रहा है कि मामला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच चुका है और जल्द ही इस पर राजनीतिक फैसला भी लिया जा सकता है। कुल मिलाकर, हरमीत सिंह पठानमाजरा का यह विवाद न केवल उनकी व्यक्तिगत साख को बल्कि AAP सरकार की छवि को भी प्रभावित कर रहा है।















