नेपाल-तिब्बत सीमा पर बुधवार को आए फ्लैश फ्लड के बाद अब एक और बड़ा खतरा सामने आ गया है. ग्लेशियर टूटने से पहाड़ों से आए मलबे ने नदी का रास्ता रोककर बांध बना दिया था. इससे एक झील बन गई थी.अब उसमें पानी लगातार बढ़ रहा है और अब उसके ओवरफ्लो होने की खबर है. वहीं तिब्बत की तरफ वाला बांध टूट गया है. खतरा इतना बढ़ गया कि चीन ने तिब्बत में रेसक्यू ऑपरेशन रोक दिया है और अपने बचावकर्मियों और वाहनों को प्रभावित इलाके से हटाकर सुरक्षित जगह पर भेज दिया है. अगले दो घंटे में इसका पानी नेपाल तक पहुंच जाएगा, जिसके कारण नेपाल में भी नदी किनारे के इलाकों को खाली कराया जा रहा है. कुछ घंटे पहले सिचुआन प्रांत में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया. नेपाल पुलिस ने तिब्बत की तरफ एक बांध के फिर टूटने की सूचना मिलने के बाद लोगों और राहत-बचाव टीमों को तुरंत सुरक्षित जगह जाने को कहा.
पहले आई बाढ़, अब उसी मलबे से बना नया खतरा
26 अगस्त को नेपाल-चीन सीमा के पास अचानक पानी, बर्फ, चट्टान और मलबे का तेज बहाव आया था. देखते ही देखते सड़कें, पुल, इमारतें और बस्तियां इसकी चपेट में आ गईं. इस तबाही में सैकड़ों लोगों की मौत हुई और बड़ी संख्या में लोग लापता हैं. बाढ़ के बाद पहाड़ों से आया भारी मलबा नदी के रास्ते में जमा हो गया. इससे पानी के पीछे एक बड़ी झील बन गई. यही झील अब नई चिंता का कारण बन चुकी है.























































