मुजफ्फरनगर। जिला पंचायत सभागार में साधना सप्ताह के अंतर्गत कर्मयोगी भारत पहल के तहत iGOT Karmayogi पोर्टल पर एक विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) सुशील कुमार यादव ने की, जिसमें जनपद के नायब तहसीलदारों, लेखपालों और विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कार्यकुशल बनाना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में गुणवत्ता सुधार लाना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री Narendra Modi के वीडियो संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने कर्मयोगी भारत मिशन के उद्देश्यों और डिजिटल लर्निंग की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके बाद प्रतिभागियों को iGOT Karmayogi पोर्टल का लाइव डेमो दिखाया गया, जिसमें रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, कोर्स चयन, लर्निंग मॉड्यूल और असेसमेंट से जुड़ी सभी जानकारी सरल तरीके से समझाई गई। अधिकारियों को बताया गया कि यह पोर्टल उनके कौशल विकास और कार्य निष्पादन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक तकनीकों, विशेष रूप से Artificial Intelligence के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। बताया गया कि AI आधारित टूल्स के माध्यम से डेटा विश्लेषण, फाइल प्रबंधन, रिपोर्ट तैयार करने और निर्णय लेने की प्रक्रिया को अधिक तेज, पारदर्शी और सटीक बनाया जा सकता है। इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि कर्मचारियों की उत्पादकता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है। साथ ही, दोहराए जाने वाले कार्यों को स्वचालित कर कर्मचारियों को अधिक रचनात्मक और महत्वपूर्ण कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलता है।
iGOT Karmayogi पोर्टल पर उपलब्ध विभिन्न ऑनलाइन पाठ्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया गया कि इसमें प्रशासनिक दक्षता, डिजिटल गवर्नेंस, नेतृत्व क्षमता, समय प्रबंधन और तकनीकी कौशल से जुड़े विषय शामिल हैं। इन कोर्सों के माध्यम से अधिकारी और कर्मचारी अपने ज्ञान और कौशल को लगातार अपडेट कर सकते हैं, जिससे वे बदलते प्रशासनिक परिवेश में बेहतर ढंग से कार्य कर सकें। यह प्लेटफॉर्म न केवल सीखने का अवसर प्रदान करता है, बल्कि कर्मचारियों को अपने दायित्वों के प्रति अधिक जागरूक और सक्षम भी बनाता है।कार्यक्रम में कलेक्ट्रेट की प्रशासनिक अधिकारी शैफालिका, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर प्रिंस जैन सहित अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए इसे बेहद उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।















