प्रयागराज के मांडा क्षेत्र में रविवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां गंगा नदी में नहाने गए सात बच्चे और किशोर अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। यह घटना यमुनापार इलाके की बताई जा रही है, जहां सभी बच्चे एक साथ नदी में स्नान करने पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआत में सभी बच्चे किनारे के पास ही नहा रहे थे, लेकिन अचानक पानी का बहाव तेज होने और गहराई का अंदाजा न लग पाने के कारण वे संतुलन खो बैठे और डूबने लगे।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत बच्चों को बचाने की कोशिश की और शोर मचाकर अन्य लोगों को भी मदद के लिए बुलाया। स्थानीय ग्रामीणों और गोताखोरों की मदद से तीन बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल भेजा गया। हालांकि, इस बीच दो बच्चों की हालत गंभीर हो गई थी और उन्हें बचाया नहीं जा सका, जिससे उनकी मौत हो गई।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य तेज कर दिया गया। अभी भी दो बच्चे लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए गोताखोरों और एनडीआरएफ की टीम द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। प्रशासन ने नदी किनारे लोगों की भीड़ को हटाते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नदी किनारे सुरक्षा के बेहतर इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचा जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सर्च ऑपरेशन जारी है और जल्द ही लापता बच्चों का पता लगाने की पूरी कोशिश की जा रही है।यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि बिना सुरक्षा इंतजाम के नदी में नहाना कितना खतरनाक हो सकता है, खासकर तब जब पानी का बहाव तेज हो और गहराई का अंदाजा न हो।















