मुजफ्फरनगर के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में बुनियादी साक्षरता और पूर्व अंकीय दक्षता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जनपद स्तरीय “हमारा आंगन-हमारे बच्चे उत्सव” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर की चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप, डायट के प्राचार्य विश्वदीपक त्रिपाठी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने पौधा भेंट कर मुख्य अतिथि का स्वागत किया, जबकि डायट की नोडल मेंटर प्रीति माथुर ने उन्हें पटका भेंट किया।
कार्यक्रम में पूर्व प्राथमिक शिक्षा के सार्वभौमीकरण और निपुण लक्ष्य की प्राप्ति पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य अतिथि मीनाक्षी स्वरूप ने अपने संबोधन में कहा कि निपुण लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूर्व प्राथमिक शिक्षा को मजबूत बनाना और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम में जनपद में बालवाटिका के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले विकास एवं पुष्टाहार विभाग के 10 सुपरवाइजर, 10 आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री तथा बेसिक शिक्षा विभाग के कक्षा एक में अध्यापन कर रहे 10 शिक्षक, 10 नोडल संकुल शिक्षक और 10 शिक्षामित्रों को प्राथमिक शिक्षा और बालवाटिका में सराहनीय योगदान व नवाचार के लिए उपहार देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही छोटे बच्चों को एजुकेशनल किट भी वितरित की गई। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों ने स्टॉल और रंगोली का अवलोकन कर प्रसन्नता व्यक्त की। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने कहा कि जनपद को निपुण बनाने के लिए 5 से 8 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों पर विशेष ध्यान देना होगा। इस आयु वर्ग में बालवाटिका के 5 से 6 वर्ष के बच्चे और विद्यालयों में नामांकित कक्षा एक और दो के छात्र शामिल हैं, जिन्हें बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान में दक्ष बनाना लक्ष्य है। नोडल एसआरजी रश्मि मिश्रा ने आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को प्रेरित करते हुए कहा कि 3 से 5 वर्ष की आयु में बच्चों के मानसिक विकास की मजबूत नींव रखी जानी चाहिए, ताकि वे भविष्य में जागरूक नागरिक बन सकें। उन्होंने बालवाटिका, चहक, परिकलन, कलांकुर, माता उन्मुखीकरण कार्यक्रम और वंडर बॉक्स जैसी शैक्षिक गतिविधियों की भी जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में जिला समन्वयक प्रशिक्षण सुशील कुमार ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों का आभार व्यक्त करते हुए जनसमुदाय को निपुण भारत की अवधारणा से अवगत कराया। कार्यक्रम के सफल संचालन में एसआरजी उषा रानी, विनीत कुमार, एआरपी अजय कुमार, एआरपी प्रीति, एआरपी सपना और एआरपी संगीता का विशेष सहयोग रहा, जबकि मंच संचालन रश्मि मिश्रा ने किया।















