मुजफ्फरनगर में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम के तहत कृषि विभाग ने एलईडी वैन के माध्यम से शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में मोटे अनाज के प्रचार-प्रसार का विशेष अभियान शुरू किया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बाजरा, ज्वार, रागी, कोदो, सावां जैसे पोषक तत्वों से भरपूर अनाज की खेती को बढ़ावा देना और आमजन को इनके स्वास्थ्य लाभों के प्रति जागरूक करना है। सरकार द्वारा प्रदेश के सभी जनपदों में यह अभियान चलाया जा रहा है ताकि किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ-साथ कम लागत और अधिक लाभ देने वाली फसलों की ओर प्रेरित किया जा सके। प्रचार के लिए विशेष रूप से तैयार एलईडी वैन विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर लघु फिल्म, लोकगीत, विज्ञापन और डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से मिलेट्स के महत्व को प्रदर्शित कर रही है। मुजफ्फरनगर में इस प्रचार वाहन को शनिवार सुबह 11 बजे मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर कंदारकर और उप कृषि निदेशक प्रमोद सिरोही ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद विकास भवन, तहसील सदर परिसर और विकासखंड सदर परिसर सहित कई स्थानों पर प्रसारण किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने कार्यक्रम को देखा और जानकारी प्राप्त की।
मोटे अनाज को सुपर फूड के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि इनमें कैल्शियम, आयरन और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। ये मधुमेह और मोटापे जैसी बीमारियों की रोकथाम में सहायक माने जाते हैं। इन फसलों की खासियत यह है कि इन्हें कम पानी, कम उर्वरक और न्यूनतम कीटनाशक की आवश्यकता होती है, जिससे उत्पादन लागत घटती है और किसानों को बेहतर लाभ मिल सकता है। बदलती जलवायु परिस्थितियों में भी इनकी पैदावार संभव है, जो इन्हें भविष्य की टिकाऊ खेती का महत्वपूर्ण विकल्प बनाती है। कृषि विभाग द्वारा मिलेट्स की खेती को बढ़ावा देने के लिए बीज मिनीकिट का निःशुल्क वितरण, प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना पर अनुदान, मोबाइल आउटलेट और मिलेट्स स्टोर पर अनुदान, प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहायता तथा प्रेरणा कैंटीन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अभियान के चलते जनपद में मोटे अनाज को लेकर चर्चा तेज हो गई है और किसान नई संभावनाओं की ओर आकर्षित हो रहे हैं।















