बांदा। उत्तर प्रदेश में त्वरित न्याय की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। थाना चिल्ला, जनपद बांदा के जघन्य अपराध मामले में अभियुक्त सुनील निषाद को मात्र 56 दिनों के भीतर मृत्युदंड की सज़ा सुनाई गई।
इस पूरे प्रकरण में बांदा के विशेष लोक अभियोजक कमल सिंह गौतम द्वारा की गई प्रभावी पैरवी निर्णायक साबित हुई। मजबूत साक्ष्य, सटीक कानूनी तर्क और तेज़ ट्रायल के चलते अदालत ने अभियुक्त को कड़ी सजा दी। सफलता पर पुलिस महानिदेशक अभियोजन, उत्तर प्रदेश डा. दिनेश जुनेजा द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। वहीं एसपी पलाश बंसल और आईपीएस श्लोक गौतम के कुशल नेतृत्व में बांदा पुलिस की सक्रिय भूमिका ने केस को मजबूत आधार दिया। यह मामला प्रदेश में पॉस्को मामलों में फास्ट ट्रैक जस्टिस का उदाहरण बनकर सामने आया है।















