मुजफ्फरनगर। शहर के समग्र और सुनियोजित विकास की दिशा में नगरपालिका परिषद ने बड़ा कदम उठाया है। 28 फरवरी को टाउनहाल सभाकक्ष में आयोजित होने वाली बोर्ड बैठक में पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप की अध्यक्षता में 159 प्रस्तावों वाला व्यापक एजेंडा पेश किया जाएगा। इस बैठक को लेकर नगर राजनीति और प्रशासनिक हलकों में खासा उत्साह है, क्योंकि इसमें पेयजल, पथ प्रकाश, निर्माण कार्यों, कर्मचारियों के हितों और पहली बार बड़े स्तर पर शहरी सौन्दर्यकरण को शामिल करते हुए एक महायोजना प्रस्तुत की जा रही है।
अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह ने जानकारी दी कि अध्यक्ष की स्वीकृति के बाद सुबह 11 बजे से प्रस्तावित बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुमानित मूल बजट भी बोर्ड के समक्ष रखा जाएगा। इस बार पालिका प्रशासन ने 290.34 करोड़ रुपये की आय का लक्ष्य निर्धारित किया है, जबकि 486.76 करोड़ रुपये शहरी विकास कार्यों पर खर्च करने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई गई है। यह बजट शहर के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ नागरिक सुविधाओं में गुणात्मक सुधार लाने पर केंद्रित है।लेखा विभाग के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1 अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक वास्तविक आय 182.21 करोड़ रुपये और व्यय 152.49 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। एक फरवरी तक पालिका के पास 266.78 करोड़ रुपये की अवशेष धनराशि उपलब्ध थी। अनुमान है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की समाप्ति पर भी 70.37 करोड़ रुपये से अधिक की राशि शेष रहेगी। अधिकारियों के मुताबिक आय-व्यय का आकलन मौखिक निर्देशों और विभागीय समीक्षा के आधार पर तैयार किया गया है।
पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने कहा कि प्रस्तुत विकास महायोजना में पेयजल आपूर्ति को मजबूत करना, पथ प्रकाश व्यवस्था का विस्तार, सड़कों व नालों सहित विभिन्न निर्माण कार्यों को गति देना, कर्मचारियों के आर्थिक हितों की सुरक्षा तथा शहर के प्रमुख स्थलों के सौन्दर्यकरण के लिए विशेष परियोजनाएं शामिल हैं। उनका दावा है कि यदि 159 प्रस्तावों को बोर्ड की मंजूरी मिलती है तो यह नगरपालिका के इतिहास की सबसे बड़ी और व्यापक विकासपरक कार्ययोजना साबित होगी, जिससे मुजफ्फरनगर को आधुनिक शहरी ढांचे की दिशा में नई पहचान मिल सकेगी।























































