मुजफ्फरनगर के सनातन धर्म कॉलेज में भारतीय भाषा समिति, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार तथा सनातन धर्म कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में ‘भारतीय भाषा परिवार एवं भारतीय ज्ञान परम्परा’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। संगोष्ठी का शुभारम्भ माँ शाकुम्भरी विश्वविद्यालय, सहारनपुर की कुलपति प्रो. विमला वाई, व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री कपिलदेव अग्रवाल, प्रबंध समिति के सचिव अखिलेश दत्त, प्राचार्य प्रो. सुधीर कुमार पुंडीर, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र, आयोजन सचिव डॉ. पीयूष शर्मा सहित अन्य अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय की छात्रा पीहू शर्मा द्वारा प्रस्तुत माँ सरस्वती वंदना और वन्देमातरम् के मधुर गायन से हुई।
संगोष्ठी के विषय प्रवर्तन में कार्यक्रम समन्वयक डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र ने कहा कि भारतीय भाषाओं में निहित भारतीय ज्ञान परम्परा आज के वैश्विक परिदृश्य में भी मानवता को दिशा देने में सक्षम है। उन्होंने बुद्ध, महावीर स्वामी, आदि शंकराचार्य, स्वामी दयानन्द सरस्वती और महात्मा गांधी के विचारों का उल्लेख करते हुए भारतीय दर्शन और भाषाई परंपरा की वैश्विक प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा भारतीय भाषाओं पर प्रकाशित दो महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन किया गया। पुस्तक विमोचन कुलपति प्रो. विमला वाई, मंत्री कपिलदेव अग्रवाल, प्राचार्य प्रो. सुधीर कुमार पुंडीर, डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र तथा अन्य विद्वानों के कर-कमलों से संपन्न हुआ।
मुख्य वक्ता इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज के प्रो. शिवप्रसाद शुक्ल ने ‘भारतीय ज्ञान परम्परा एवं राष्ट्रभाषा’ विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि भाषा, संस्कृति और ज्ञान परम्परा के मूल में नैतिकता का विशेष महत्व है। वहीं राजेंद्र सिंह ‘रज्जू भैया’ विश्वविद्यालय, प्रयागराज से आए डॉ. अरुण कुमार मिश्र ने ‘राष्ट्रीय एकता में सहायक भारतीय भाषाएँ’ विषय पर बोलते हुए भाषाई, सांस्कृतिक और राजनीतिक एकता की आवश्यकता पर जोर दिया। श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय, उत्तराखण्ड के प्रो. अमित जायसवाल ने ‘विकसित भारत @ 2047 और भारतीय भाषाएँ’ विषय पर विचार साझा करते हुए विकास की प्रक्रिया में मातृभाषाओं की भूमिका को रेखांकित किया।
संगोष्ठी में सह-समन्वयक डॉ. नवीन कुमार, सह-आयोजन सचिव डॉ. सरिता ढाका, डॉ. सविता, डॉ. निशा चौहान, डॉ. मदनपाल, लेफ्टिनेंट अजय, कोषाध्यक्ष डॉ. अनूप पटेल, अनुशासन व्यवस्था में डॉ. अरविन्द पंवार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन डॉ. नवीन कुमार द्वारा किया गया।
















