राजनीति के कीर्ति स्तम्भ थे अटल बिहारी.

बाँदा l भाजपा के द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई का जन्मदिन सुशासन दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गए तथा अटल वाटिका स्थित उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई l इस अवसर पर भाजपा जिला कार्यालय में अटल ज़ी के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन किया गया ।जिसका उदघाटन जल शक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद व सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने फीता काटकर किया l इस अवसर पर आयोजित संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने कहा कि अटल बिहारी का व्यक्तित्व जितना व्यापक राजनीति में था उतना ही गहरा व आत्मीय रिश्ता साहित्य और पत्रकारिता में था। वे उन राजनेताओं में थे जिनकी वाणी में कविता और लेखनी में विचार थे l उनका स्वदेश से जुड़ना केवल एक संपादकीय दायित्व नहीं वल्कि वैचारिक प्रतिबद्धता , राष्ट्रबोध और रचनात्मक पत्रकारिता की साधना थी l उनकी कविताओं में दृढ़ संकल्प और हार न मानना, राष्ट्र प्रेम और एकता मानवीय सम्बेदनाओं का समावेश था l जल शक्ति राज्यमंत्री रामकेश ने कहा कि अटल ज़ी लोकतान्त्रिक नेतृत्व के आदर्श पुरुष थे उनका अनूठा व्यक्तित्व था l राष्ट्रीय परिषद सदस्य संतोष गुप्ता, क्षेत्रीय सदस्य अखिलेश श्रीवास्तव व जिलाध्यक्ष कल्लू सिंह राजपूत ने अटल ज़ी के आदर्शो पर चलने का सन्देश देते हुए कहा कि अटल ज़ी 2067 में पहली बार संसद पहुंचे 2004 तक वे दस बार लोकसभा एवं दो बार राज्यसभा के सदस्य रहे l वे एक श्रेष्ठ व रचनात्मक दृष्टि से सम्पन्न सांसद थे l उन्होंने परमाणु परीक्षण को आगे बढ़ाया तथा देश में सड़कों का जाल बिछाया l वे भारत को विश्वगुरु ही नहीं वल्कि विश्वमित्र के रूप में स्थापित करना चाहते थे l कार्यक्रम में जगराम सिंह, प्रेमनारायण द्विवेदी, संतू गुप्ता, उत्तम सक्सेना, पंकज रायक्रवार, ममता मिश्रा, वंदना गुप्ता, अखिलेश दीक्षित, प्रभा गुप्ता, दुर्गा चौरसिया, लखन सिंह राजपूत, राजेश गुप्ता रज्जन, जाग्रति वर्मा सहित सभी जनप्रतिनिधि व पदाधिकारी मौजूद रहे l

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