अलवर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने अलवर जिले की पुरानी तहसीलों के किसानों के कर्ज माफ करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन जिला सचिव तेजपाल सैनी के नेतृत्व में एडीएम प्रथम को राजकुमार बक्शी के साथ दिया गया। पार्टी ने किसानों की लगातार बिगड़ती आर्थिक स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए सरकार से शीघ्र राहत देने की मांग की है।
जिला सचिव तेजपाल सैनी ने बताया कि जिले के किसान वर्तमान समय में कई तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं। मौसम की अनिश्चितता, खेती की बढ़ती लागत और मंडियों में उपज के उचित दाम नहीं मिलने के कारण किसान भारी कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है। समय पर बिजली और खाद की उपलब्धता नहीं होने से फसल उत्पादन प्रभावित हो रहा है, जिससे पैदावार औसत से काफी कम रह जाती है। इसका सीधा असर किसानों की आय पर पड़ता है और फसल की लागत बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में किसान कर्ज के दलदल में फंस चुका है। उसे पुराने कर्ज उतारने के साथ-साथ घर का खर्च चलाने के लिए भी नया कर्ज लेना पड़ रहा है। पार्टी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पूरे अलवर जिले में लगभग 1 लाख 42 हजार 74 किसानों पर सरकारी बैंकों का करीब 627 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है, जो किसानों के लिए एक गंभीर संकट का संकेत है।
ज्ञापन में सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि एक ओर औद्योगिक क्षेत्र में पूंजीपतियों को भारी रियायतें देकर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से आर्थिक सहयोग किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर किसान उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं। प्रदेश में ट्रांसपोर्ट माफिया के बढ़ते प्रभाव का भी उल्लेख किया गया है। समाचार पत्रों में प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, एक ही बस के रजिस्ट्रेशन नंबर पर तीन-चार बसें चलाई जा रही हैं और लगभग सात हजार बसें सरकार को टैक्स नहीं दे रही हैं। इंजन और चेसिस नंबर फर्जी होने के बावजूद उनका पंजीकरण हो रहा है, जिससे सरकार को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।















