मुजफ्फरनगर को उत्तर प्रदेश की 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से निवेश प्रोत्साहन और क्रियान्वयन के लिए जल्द ही GBC 5.0 का आयोजन किया जाएगा। इस पहल के तहत जनपद को कुल 5000 करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य से जोड़ा गया है, जिसे प्राप्त करने के लिए सभी विभागों और अधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं।इस लक्ष्य की पूर्ति और निवेश प्रक्रियाओं की गति सुनिश्चित करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में उद्योग विभाग द्वारा एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद स्तर पर समझौता पत्र (MOU) की प्रगति की समीक्षा करना और निवेश लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक कदम तय करना था।बैठक में यह जानकारी दी गई कि जनपद मुजफ्फरनगर में 5000 करोड़ रुपये के कुल लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 1615 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव GBC 5.0 के लिए तैयार किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा निवेश लक्ष्यों की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, लेकिन लक्ष्य की पूर्ण पूर्ति के लिए सभी विभागों को और सक्रिय योगदान देने की आवश्यकता है।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे निवेश प्रक्रियाओं को शीघ्र गति से क्रियान्वित करें और बकाया प्रस्तावों को समयबद्ध तरीके से तैयार करें।बैठक में सचिव MDA, RM यूपीएसआईडीए, जिला आबकारी अधिकारी, सहायक आयुक्त उद्योग, सहायक श्रमायुक्त सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने अपनी–अपनी विभागीय तैयारियों और प्रस्तावों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की। यह सुनिश्चित किया गया कि सभी प्रस्ताव GBC 5.0 के आयोजन से पहले अंतिम रूप में तैयार हों और निवेशकों के सामने पेश किए जा सकें।मुख्य विकास अधिकारी ने बैठक के दौरान जोर दिया कि निवेश प्रोत्साहन के लिए विभागीय समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करें, प्रस्तावों की गुणवत्ता सुनिश्चित करें और निवेश प्रक्रिया में आने वाली किसी भी बाधा को तुरंत दूर करें। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि निवेश को लेकर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएं, ताकि लक्ष्य की दिशा में कोई भी विलंब न हो।इस बैठक में यह भी चर्चा हुई कि निवेश लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए जनपद में उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्र में विभिन्न परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रस्तावित परियोजनाओं में रोजगार सृजन, स्थानीय संसाधनों का उपयोग और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने वाले प्रोजेक्ट शामिल हैं। अधिकारियों ने इस बात पर भी विचार किया कि निवेशकों के लिए सुविधा केंद्र और एकल संपर्क बिंदु स्थापित किए जाएं, जिससे निवेश प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बन सके।मुजफ्फरनगर में 5000 करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य की प्राप्ति न केवल जनपद के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण योगदान होगा। GBC 5.0 के माध्यम से निवेशकों को आकर्षित करने और निवेश प्रक्रियाओं को शीघ्र क्रियान्वित करने के लिए जनपद के सभी विभागों और अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। इस प्रकार, बैठक ने निवेश प्रोत्साहन, प्रस्तावों की तैयारी और समन्वय सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट रणनीति तैयार की है।इस बैठक और निवेश लक्ष्यों की दिशा में उठाए गए कदमों से स्पष्ट है कि मुजफ्फरनगर आर्थिक विकास के मार्ग पर मजबूती से अग्रसर है और आने वाले समय में यह क्षेत्र निवेश और रोजगार के लिहाज से महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।
















