मुज़फ्फरनगर में दलित किशोरी की बरामदगी की मांग पर कोतवाली में धरना,

मुज़फ्फरनगर जिले की शहर कोतवाली क्षेत्र के मिमलाना गांव की एक दलित किशोरी के कथित अपहरण के मामले में परिजनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। परिजन और युवा शिव सेना कार्यकर्ता शहर कोतवाली पर धरने पर बैठ गए और किशोरी की जल्द बरामदगी की मांग करते हुए पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। परिजनों ने भावुक होकर कहा कि जब तक उनकी बेटी सुरक्षित वापस नहीं लायी जाती, वे कोतवाली परिसर से नहीं हटेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बेटी के बिना घर लौटने का कोई मतलब नहीं है, चाहे इसके लिए उन्हें अपनी जान ही क्यों गंवानी पड़े।धरने की शुरुआत युवा शिव सेना नेता मनोज सैनी के आह्वान पर हुई, जिसके बाद शिव सेना युवा जिला अध्यक्ष शैंकी शर्मा के नेतृत्व में विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कोतवाली पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने मिमलाना गांव के एक युवक पर किशोरी के अपहरण का आरोप लगाया और पुलिस कार्रवाई पर असंतोष जाहिर किया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बबलू वर्मा से वार्ता के दौरान जब पीड़ित परिवार और कार्यकर्ताओं को कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला, तो सभी ने वहीं बैठकर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।धरने की सूचना पर सीओ सिटी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों और प्रदर्शनकारियों से बात की और आश्वासन दिया कि पुलिस टीम किशोरी की बरामदगी के लिए लगातार प्रयास कर रही है तथा जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी भी की जाएगी।

अधिकारियों द्वारा सकारात्मक भरोसा दिए जाने के बाद धरना समाप्त कर दिया गया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर किशोरी की बरामदगी नहीं होती है, तो वे एसएसपी कार्यालय पर बड़े स्तर पर प्रदर्शन करेंगे।धरने के दौरान शिव सेना और अन्य संगठनों से जुड़े नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इनमें राजेश कश्यप, अमरीश त्यागी मंडल उपाध्यक्ष शिवसेना, अखिलेश पूरी जिलाध्यक्ष संयुक्त हिन्दू महासंघ, विवेक शर्मा, रोहित त्यागी, अनुकूल जोशी, अर्जुन गोस्वामी, कार्तिक जौहरी, हरीश राणा, सचिन, परदेशी, राहुल धीमान, शुभम बिलासपुर, अभिषेक सहित कई लोग शामिल थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि जब तक किशोरी सुरक्षित नहीं मिल जाती, आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा। मौके पर मौजूद भीड़ ने पुलिस से शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया।घटना ने इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है और ग्रामीणों के बीच सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ उभर आई हैं। परिजन और स्थानीय संगठनों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा हुआ है। ऐसे में लोग उम्मीद कर रहे हैं कि पुलिस प्रशासन जल्द से जल्द मामले का खुलासा कर किशोरी को सुरक्षित वापस लाएगा, जिससे क्षेत्र में बढ़ते असंतोष और आक्रोश को शांत किया जा सके।

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