अलवर जिले के उद्योग नगर थाना क्षेत्र स्थित देसूला गांव में कब्रिस्तान की जमीन को लेकर विवाद लगातार गंभीर होता जा रहा है। गांव के लोगों ने आरोप लगाया है कि कुछ प्रभावशाली प्रॉपर्टी डीलर और भूमाफिया लंबे समय से कब्रिस्तान के रूप में उपयोग की जा रही लगभग तीन बीघा जमीन पर अवैध कब्जा जमाने की कोशिश कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन वर्षों से समुदाय के अंतिम संस्कार और धार्मिक रीति–रिवाजों के लिए प्रयुक्त होती रही है, लेकिन अब जमीन को लेकर दबाव, धमकी और अवैध निर्माण का प्रयास किया जा रहा है, जिससे पूरे गांव में रोष व्याप्त है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, कुछ लोग इस जमीन पर कब्जा करने के लिए तरह–तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। हाल ही में अवैध निर्माण का प्रयास भी देखा गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने एकजुट होकर इसका विरोध किया। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित लोगों को चेतावनी दी है, लेकिन इसके बावजूद दबंग तत्व जमीन को अपने नाम दर्ज करवाने और कब्जा करने की कोशिश में जुटे हुए हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि विवादित पक्ष जानबूझकर इस मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहा है, ताकि तनाव फैलाकर अपने पक्ष को मजबूत किया जा सके। हालांकि, देसूला गांव के लोगों ने स्पष्ट कहा है कि यहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय वर्षों से सौहार्द के साथ रहते आए हैं और इस मुद्दे को किसी भी हालत में साम्प्रदायिक विवाद की दिशा में नहीं जाने दिया जाएगा।
ग्रामीणों ने बताया कि प्रॉपर्टी डीलरों की इन हरकतों के खिलाफ उन्होंने एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि विवादित भूमि की तत्काल जांच करवाई जाए, कब्जे को रोका जाए और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यह जमीन उनके धार्मिक और सामाजिक अधिकारों से जुड़ी है, इसलिए किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि उन्होंने पुलिस को शिकायत सौंप दी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। यदि आवश्यक हुआ तो वे जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे।
ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि हालात की गंभीरता को समझते हुए समय रहते हस्तक्षेप किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या तनावपूर्ण स्थिति न उत्पन्न हो। उनका स्पष्ट कहना है कि कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जा सिर्फ धार्मिक भावना का प्रश्न नहीं है, बल्कि यह उनकी विरासत, परंपरा और सामुदायिक अधिकारों का मामला है। गांव के लोगों ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि भूमाफिया की दबंगई पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। प्रदर्शन के दौरान उपस्थित ग्रामीणों ने प्रशासन से लंबित कार्रवाई को जल्द पूरा करने की मांग करते हुए कहा कि न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।















