बांग्लादेश की अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की राजनीति में दोबारा वापसी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेज कूटनीतिक गतिविधियां शुरू हो गई हैं। कतर इस पूरी प्रक्रिया में मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और राजधानी दोहा इस बातचीत का केंद्र बन चुका है। नॉर्थ ईस्ट पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार कतर के पूर्व खुफिया प्रमुख इस प्रयास में सक्रिय हैं, जिनका लक्ष्य है कि शेख हसीना को फिर से ढाका की सत्ता के केंद्र तक पहुंचाया जाए। बांग्लादेश की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार खलीलुर रहमान इस पूरे मसले को देख रहे हैं। वे हाल ही में भारत भी आए थे, जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस मुद्दे पर क्षेत्रीय परामर्श भी जारी है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बांग्लादेश सरकार इस बातचीत का हिस्सा है या यह पूरी कवायद केवल कुछ चुनिंदा अधिकारियों और मध्यस्थों के माध्यम से चल रही है। इसी तरह कतर सरकार किस स्तर पर शामिल है, इस पर भी साफ जानकारी सामने नहीं आई है। फिर भी, दोहा में चल रही श्रृंखलाबद्ध बैठकों और बातचीत ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि शेख हसीना की वापसी के लिए बड़े स्तर पर अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने की कोशिशें हो रही हैं। जानकारों का मानना है कि इस राजनीतिक पहल का सीधा संबंध बांग्लादेश की मौजूदा अस्थिर स्थिति, आर्थिक चुनौतियों और प्रशासनिक कमजोरी से है। ऐसे में कतर की पहल को क्षेत्रीय स्थिरता के broader framework में भी देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इस गुप्त कूटनीति के नतीजे क्या होंगे, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन इतना तय है कि दोहा में चल रही चर्चाओं ने बांग्लादेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।















