मुज़फ्फरनगर। खतौली कस्बे में लंबे समय से व्यापारियों और आम लोगों को ब्लैकमेलिंग और रंगदारी के जाल में फंसाने वाले विनय जैन उर्फ किक्की जैन और उसके गैंग के खिलाफ अब जैन समाज खुलकर मैदान में आ गया है। समाज के लोगों में किक्की जैन की गतिविधियों को लेकर गहरा आक्रोश है। समाज का कहना है कि किक्की जैन द्वारा सम्मानित और प्रतिष्ठित लोगों को ब्लैकमेल कर अवैध वसूली की गई, जिससे न केवल पीड़ितों को आर्थिक और मानसिक क्षति पहुंची है, बल्कि पूरे समाज की छवि भी धूमिल हुई है। किक्की जैन और उसके गुर्गों पर आरोप है कि वे भय, दबाव और धमकी का सहारा लेकर लोगों से रंगदारी वसूलते हैं, और इस पूरे नेटवर्क को किक्की जैन का परिवार भी संरक्षण देता आया है, जिसे अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।समाज के पदाधिकारियों और वरिष्ठ सदस्यों ने बताया कि किक्की गैंग के आतंक और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए आज एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में समाज के सभी वर्ग एकजुट होकर आगे की रणनीति तैयार करेंगे और इस बात पर निर्णय लेंगे कि प्रशासनिक स्तर पर कौन से कदम उठाए जाएं।
समाज ने साफ कर दिया है कि किक्की गैंग खतौली की शांत छवि को लगातार नुकसान पहुंचा रहा है और अब इस नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने का समय आ चुका है।जैन समाज ने प्रशासन से मांग की है कि किक्की जैन और उसके पूरे गैंग को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि कस्बे में फिर से सुरक्षित और सम्मानित वातावरण स्थापित हो सके। समाज के अनुसार, पिछले कई महीनों से व्यापारी और आम लोग ब्लैकमेलिंग की शिकायतों को लेकर भयभीत थे, लेकिन अब समुदाय एकजुट होकर इस काले खेल को खत्म करने के लिए संकल्पित है। समाज का कहना है कि यह लड़ाई केवल अवैध वसूली के खिलाफ नहीं, बल्कि खतौली के सामाजिक सम्मान और प्रतिष्ठा की रक्षा की लड़ाई है।बैठक में यह भी चर्चा होगी कि किस प्रकार पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए और किस रूप में प्रशासन पर दबाव बनाकर किक्की जैन गैंग को कानून के हवाले किया जाए। समाज के सदस्यों ने इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाते हुए घोषित किया कि अब किसी भी कीमत पर इस गैंग द्वारा फैलाए जा रहे भय और आतंक को सहन नहीं किया जाएगा। जैन समाज का यह सामूहिक प्रयास न सिर्फ पीड़ितों को राहत देने का प्रयास है, बल्कि खतौली में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। समाज ने स्पष्ट किया है कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक किक्की जैन और उसके गुर्गों पर उचित कार्रवाई न हो जाए और कस्बे में शांति बहाल न हो जाए।















