साइक्लोन ‘दितवाह’ ने श्रीलंका में गंभीर तबाही मचाने के बाद अब भारत की ओर रुख कर लिया है। श्रीलंका में आए इस भीषण चक्रवात ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है और अब तक 46 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। तेज़ हवाओं, भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से दक्षिणी और मध्य श्रीलंका के कई जिले प्रभावित हुए हैं। हजारों घरों को नुकसान पहुंचा है, जबकि सैकड़ों परिवारों को सुरक्षित शिविरों में शिफ्ट करना पड़ा है। बचाव दल लगातार राहत कार्यों में जुटे हैं, लेकिन कई इलाकों में सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण सहायता पहुंचाने में दिक्कतें आ रही हैं। इसके अलावा, कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति और संचार सेवाएं भी बाधित हो गई हैं, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं।
अब यह चक्रवात तेजी से भारत की ओर बढ़ रहा है, जिसके मद्देनज़र भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल के तटीय इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 से 48 घंटों में इन राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। तटीय क्षेत्रों में तेज हिंसक हवाएं चलने, समुद्र में ऊंची लहरें उठने और निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी है और तटीय गांवों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने, आवश्यक सामान तैयार रखने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की सलाह दी है।
तमिलनाडु सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश की संभावना भी जताई जा रही है, जबकि NDRF और SDRF की टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दी गई हैं। आंध्र प्रदेश में भी कई तटीय जिलों में कंट्रोल रूम सक्रिय किए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि ‘दितवाह’ की तीव्रता अगले कुछ घंटों में और बढ़ सकती है, इसलिए जनता को अफवाहों से दूर रहने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है। प्रशासनिक तैयारियों के साथ-साथ लोगों में भी सतर्कता बेहद ज़रूरी है, क्योंकि चक्रवात की दिशा और गति में अचानक बदलाव आने की संभावना हमेशा बनी रहती है।















